उझानी (बदायूं) स्थित अस्पताल में बेहोश बेटे पवन के सिर पर हाथ फेरते पिता अशोक पाठक। संवाद
- फोटो : BADAUN
उझानी (बदायूं)। मथुरा से यहां गंगाघाट पर आए दो श्रद्धालु गंगा में बह गए। गोताखोरों ने भतीजे को बचाने के लिए गंगा में कूदे सिपाही पवन पाठक को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया पर वे उनके भतीजे लूसेन को बचाने में नाकामयाब रहे।
हादसा मंगलवार तड़के करीब पांच बजे हुआ। मथुरा जिले में फरह थाने के गांव परखम निवासी सिपाही पवन के पिता अशोक पाठक ने मनौती पूरी होने पर देवता को गंगा स्नान कराने का निर्णय लिया था। परिवार और रिश्तेदारों के लिए अशोक ने निजी बस बुक की और कछला गंगाघाट पहुंचे। यहां अशोक के पुत्र शिवकुमार का बेटा लूसेन (12) अकेला ही गंगा में स्नान को पहुंचा गया। स्नान के दौरान बहने लगा। वहां मौजूद चाचा पवन (28) ने उसे डूबते देखा तो उन्होंने भी गंगा में छलांग लगा दी पर वह भी बहने लगे। ऐसे में परिवार के लोगों ने बचाव को शोर मचा दिया। शोर सुनकर मौके पर गोताखोर पहुंच गए। गोताखोरों ने पवन को तो बेहोशी की हालत में सुरक्षित बाहर निकाल लिया पर उनके भतीजे को नहीं बचा सके। पवन को बाद में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराया गया, यही नहीं वे लूसेन को भी शरीर में गर्मी बताकर अस्पताल ले गए। यहां चिकित्साधिकारी राजकुमार गंगवार ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया। बाद में लूसेन के शिक्षक पिता ने उसके शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया।
-
पौत्र के शव और बेहोश बेटे को देख फफक पड़े अशोक
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर बुजुर्ग अशोक पाठक पौत्र के शव को देख बिलखने लगे। बेहोश बेटे पवन के पास पहुंचे और उसका सिर सहलाने लगे। यहां मौजूद उनकी बेटी ममता भी फफकने लगी। अशोक ने बताया कि वह तो देवता की मूर्ति लिए घाट पर बैठे थे। लूसेन अकेला ही गंगा में स्नान करने चला गया। उसी को बचाने पवन कूदा पर वह खुद फंस गया।
-
पल भर में खुशियां हुईं काफूर
हादसे के बाद परिवार की महिलाओं और रिश्तेदारों को कुछ नहीं सूझ रहा था। सभी वहां हताश बैठ गए। देवता का पूजन कराने के बाद उनका कार्यक्रम घाट पर भोजन बनाकर ग्रहण करने का था। इसके लिए वह कारीगर के साथ राशन सामग्री भी लाए थे। पर सबकुछ धरा रह गया। खुशियां भी पल भर में काफूर हो गईं।