बदायूं। रोडवेज बस से डीजल चोरी होने का केस कोर्ट में 17 साल चला, लेकिन अभियोजन पक्ष साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके साथ तत्कालीन टीआई के गवाही से मुकरने की वजह से सिविल जज जूनियर डिवीजन जयति चंद्रा की कोर्ट ने संदेह का लाभ देते हुए आरोपी अनिल को दोषमुक्त कर दिया।
बदायूं जिले में पहले रोडवेज बसों से डीजल चोरी के कई मामले हुए हैं। 2009 में गुन्नौर थाना भी बदायूं में शामिल था, अब यह संभल में है। गुन्नौर थाने में 8 जुलाई 2009 को रोडवेज बस से डीजल चोरी की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। तत्कालीन टीआई गंगा प्रसाद सिंह ने बसों का निरीक्षण गुन्नौर में किया था।
निरीक्षण के दौरान सुनसान स्थान पर बस खड़ी कर डीजल चुराते टीआई और उनकी टीम ने अनिल निवासी ग्राम रसूलपुर, थाना गुन्नौर को पकड़ा था। टीआई की ओर से ही गुन्नौर थाने में अनिल के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। यह केस तभी से कोर्ट में विचाराधीन था। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान 2012 से लेकर 2026 तक अभियोजन पक्ष को साक्ष्य कोर्ट में देने का समय दिया, मगर टीआई गंगा प्रसाद ने गवाही में कहा कि उस दिन उन्होंने कोई चेकिंग ही नहीं की थी। मुख्य गवाहों के मुकरने की वजह से अनिल को कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया।