अलापुर (बदायूं)। अलापुर कस्बे में काजी पेट्रोल पंप के नजदीक शनिवार सुबह एक कार और टैंकर की जबरदस्त भिड़ंत हो गई। इसमें शाहजहांपुर के 21 वर्षीय छोटू उर्फ देशराज की मौत हो गई। जबकि उसके तीन साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी कार सवार दिल्ली में एक समारोह में भाग लेकर लौट रहे थे।
हादसा शनिवार तड़के पांच बजे हुआ। शाहजहांपुर जिले में कलान कस्बे के कसा मोहल्ला निवासी छोटू उर्फ देशराज (21) पुत्र रामबाबू, संजीव कुमार (20), शिवम (25) और अंकित (28) ईको कार से दिल्ली में दावत समारोह में भाग लेकर कलान लौट रहे थे। कार संजीव कुमार चला रहा था। कार अलापुर कस्बे के नजदीक काजी पेट्रोल पंप के सामने पहुंची ही थी कि तभी सामने से तेज रफ्तार से आए टैंकर ने जोरदार टक्कर मार दी। इससे कार के परखचे उड़ गए। इस हादसे में छोटू उर्फ देशराज की मौत हो गई। जबकि उसके तीनों साथी गंभीर रूप से घायल हो गए।
सड़क से गुजर रहे लोगों ने हादसे की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों घायलों को तुरंत जिला अस्पताल भेजा, छोटू के शव का दोपहर में पोस्टमार्टम करा दिया गया। पुलिस ने टैंकर को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है।
-
दो बाइकों की भिड़ंत में मिठाई कारीगर की मौत, दूसरा घायल
उझानी (बदायूं)। बरेली-मथुरा हाईवे पर जजपुरा मंदिर के पास दो बाइकों की भिड़ंत में नगर निवासी मिठाई कारीगर धर्मेंद्र कश्यप की मौत हो गई। दूसरा बाइक सवार घायल है। दोनों में कोई भी हेलमेट नहीं लगाए था।
हादसा शुक्रवार रात करीब 10 बजे हुआ। नगर के मोहल्ला नझियाई निवासी धर्मेंद्र कश्यप (25) पुत्र गंगा प्रसाद की बहन धनदेवी की ससुराल बदायूं में है। शुक्रवार पूर्वाह्न वह पिता गंगाप्रसाद को धनदेवी के घर पहुंचाने के लिए बाइक से बदायूं गया। देर रात पिता तो बेटी के घर रुक गए लेकिन धर्मेंद्र बाइक से लौटा। जजपुरा मोड़ के पास विपरीत दिशा से दूसरी बाइक आ गई। दोनों की टक्कर हो गई। धर्मेंद्र लहूलुहान हालत में सड़क पर गिर पड़ा। सिर में गंभीर चोट से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। दूसरी बाइक सवार घायल को राहगीरों ने जिला अस्पताल पहुंचाया। सूचना के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। नगर निवासी राहगीरों ने ही उसकी पहचान की। पुलिस के मुताबिक दोनों बाइक सवार हेलमेट नहीं लगाए थे। धर्मेंद्र के शव का शनिवार दोपहर पोस्टमार्टम कराया गया।
-
बहन धनदेवी ने रोका पर नहीं माना धर्मेंद्र
बहन धनदेवी सड़क हादसे में भाई धर्मेंद्र कश्यप की मौत की सूचना के बाद रात में ही रोते बिलखते पिता गंगा प्रसाद के साथ घर आ गई। धर्मेंद्र सात भाई थे। धर्मेंद्र अपने बड़े भाई मुलायम के साथ स्टेशन रोड स्थित हलवाई की दुकान पर कारीगर था। बहन धनदेवी ने बताया कि शाम सात बजे खाना खाने के बाद उसने धर्मेंद्र से कहा था कि सुबह घर चले जाना लेकिन वह नहीं माना। अगर वह रात में रुक जाता तो हादसे में जान नहीं जाती। कारीगर की मौत के बाद मिष्ठान विक्रेता श्याम वार्ष्णेय ने पूरे दिन अपना प्रतिष्ठान बंद रखा।
टैंकर की टक्कर से क्षतिग्रस्त कार। संवाद- फोटो : BADAUN