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बैल ने अपने ही मालिक को पटककर मार डाला

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उसहैत (बदायूं)। थाना क्षेत्र के गांव गढ़िया हरदोपट्टी में बैल ने अपने ही मालिक ध्यानपाल को पटककर मार डाला। किसान अपनी बैलगाड़ी में मेंथा लादकर फैक्टरी पर ले गया था। जैसे ही उसने बैलों को खोला कि एक बैल ने उस पर हमला कर दिया। इससे किसान की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने किसान के शव का पोस्टमार्टम करा दिया है।
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ग्राम गढ़िया हरदोपट्टी निवासी 50 वर्षीय ध्यानपाल खेतीबाड़ी करके अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। उन्होंने अपने खेत में मेंथा की फसल की थी। बृहस्पतिवार को उन्होंने अपनी फसल की कटाई की। शाम तक फसल काटने का काम चलता रहा। उसके बाद उन्होंने फसल को बैलगाड़ी में लाद लिया। वह देर रात फसल गांव के बाहर एक मेंथा फैक्टरी पर ले गए। बताते हैं कि उन्होंने बैलगाड़ी खड़ी करके फसल उतार दी लेकिन उसके बाद उन्होंने जैसे ही बैलों को गाड़ी से अलग किया कि तभी एक बैल ने उन पर हमला बोल दिया। उन्हें अपने सींगों पर उठाकर पटक दिया। ये देखकर मौके पर मौजूद लोग भाग खड़ हुए। उन्होंने बमुश्किल बैल को भगाकर दूर किया और किसान को उठाकर सुरक्षित स्थान पर ले गए लेकिन तब तक उनकी मौत हो गई। इसकी सूचना पर उनके परिवारवाले रात में ही मौके पर पहुंच गए। उसी दौरान थाना पुलिस को सूचना दी गई। इससे पुलिस भी फैक्टरी पर पहुंच गई और किसान के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। शुक्रवार सुबह उनके शव का पोस्टमार्टम करा दिया गया। परिवारवाले घटना से काफी दुखी हैं।
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घुमंतू पशु कई लोगों की ले चुके हैं जान
घुमंतू पशु लगातार लोगों का नुकसान कर रहे हैं और कई लोगों की जान ले चुके हैं। अभी 13 सितंबर को दातागंज इलाके में समरेर के साप्ताहिक बाजार के चौकीदार 60 वर्षीय श्यामपाल को एक सांड़ ने पटककर मार डाला था। श्यामपाल धरेली गांव के रहने वाले थे। परिवारवालों ने उनके शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया था। उनके अलावा दातागंज में दो और लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि मूसाझाग में दो और बिल्सी में दो लोगों की मौत हो चुकी है।
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हमारे गांव और आसपास के इलाके में कई लावारिस पशु घूमते रहते हैं। वे लगातार फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। गांव के तमाम लोग इस संबंध में शिकायत कर चुके हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही। जबकि किसानों का लगातार नुकसान हो रहा है।
-नन्हे, अन्नी गांव
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लावारिस पशुओं ने फसल नष्ट कर दी है। इन पशुओं की वजह से गेहूं, धान, बाजरा आदि फसलों को बड़ा नुकसान है। लोग गांव के नजदीक खेतों में फसलें सुरक्षित नहीं रख पा रहे हैं। योगी सरकार में तमाम गोशालाएं खोली गईं हैं। इसके बावजूद ये पशु ऐसे ही घूमते रहते हैं, जिम्मेदार गंभीर नहीं हैं। -संतोष कुमार, बाबट
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गांव में तमाम पशु लावारिस घूम रहे हैं। गांव के लोग जिला प्रशासन से शिकायत कर चुके हैं। इसके बावजूद कोई फायदा नहीं मिल रहा। अब तो गांव वाले भी शिकायत करना छोड़ चुके हैं। इसके बावजूद जिला प्रशासन पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा।
- धनुष पाल, गढ़िया हरदोपट्टी
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जिला प्रशासन को लावारिस पशुओं को लेकर ठोस कदम उठाना चाहिए। इन्हें पकड़वाकर गोशालाओं में पहुंचाया जाए। जब तक इनका इंतजाम नहीं किया जाएगा। तब तक किसानों को बड़ा नुकसान होता रहेगा।
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-सुधीर, गढ़िया हरदोपट्टी
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