मुजरिया (बदायूं)। थाना क्षेत्र के गांव दरियापुर में शनिवार रात एक बुजुर्ग व्यक्ति की छत से गिरकर मौत हो गई। बुजुर्ग खाना खाने के बाद छत पर बैठे थे। इसी दौरान बंदरों के झुंड ने उन पर हमला बोल दिया। इससे वह छत के नीचे आ गिरे और उनकी मौत हो गई।
ग्राम दरियापुर निवासी 62 वर्षीय गुलफाम सिंह यादव खेतीबाड़ी करते थे। शनिवार रात आठ बजे उन्होंने खाना खाया था। इसके बाद वह छत पर जाकर बैठ गए। परिवार के अन्य सदस्य घर में मौजूद थे। कोई खाना खा रहा था तो कोई खाना खा चुका था। बताते हैं कि इसी दौरान अचानक उनकी छत पर बंदरों का झुंड आ गया। गुलफाम सिंह ने उन्हें भगाने के लिए डंडा उठाया। वह बंदरों को भगा पाते इससे पहले बंदरों के झुंड ने उन पर हमला बोल दिया। गुलफाम सिंह उनसे बचने के लिए भागे कि उनका पैर फिसल गया और घर के अंदर छत से गिर गए। इससे उनका सिर फट गया। ये देखकर परिवार में चीखपुकार मच गई। परिवारवालों ने उन्हें आनन-फानन में उठाया। वह जिला अस्पताल ले जा रहे थे कि गुलफाम सिंह कुछ देर बाद मौत हो गई। इस पर उनके बेटे दुलार सिंह यादव ने पुलिस को सूचना दी। इसके कुछ देर बाद एसओ वेदपाल सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने परिवार वालों के मुताबिक बुजुर्ग के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
बिल्सी में बंदरों की घुड़की से छत से गिरी थी महिला
शुक्रवार को बिल्सी में एक महिला छत से गिरकर घायल हो गई थी। कस्बे के मोहल्ला नंबर दो निवासी गीता देवी पत्नी मुकेश कुमार शुक्रवार को अपने घर में खाना बना रहीं थीं। तभी एक बंदर उनके घर में उतर आया और बच्चों के कपड़े लेकर भाग गया। कपड़े छुड़ाने के लिए गीता छत की ओर दौड़ीं। इससे बंदर ने पलटकर उनको घुड़की दे दी। जिससे वह छत के नीचे जा गिरीं और घायल हो गईं। परिवार वाले उनका निजी डॉक्टर से इलाज करा रहे हैं। संवाद
बंदरों के हमले में कई लोग गवां चुके हैं जान
बदायूं जिले में कई स्थानों पर बंदरों का आतंक है। पिछले साल 10 सितंबर को जरीफनगर क्षेत्र के गांव दियोहरा शेखूपुर के मूल निवासी जनार्दन भारद्वाज की सहसवान के नयागंज मोहल्ले में अपने ही तीन मंजिला छत से गिरकर मौत हो गई थी। इसकी वजह ये रही थी कि बंदरों के झुंड ने उन पर अचानक हमला बोल दिया था। इससे पहले जनवरी 2018 में फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के गांव ओरछी में ऊषा पत्नी रमेश मौर्य कपड़े सुखाने को छत पर चढ़ीं थीं। यहां पहले से बैठे बंदरों ने उन पर हमला बोल दिया था। इससे वह छत से गिरकर घायल हो गईं। इधर, कुंवरगांव थाना क्षेत्र के गांव कासिमपुर निवासी शांति देवी 40 महेंद्र की बंदरों के हमले में छत से गिरकर मौत हो चुकी है।
भाईसाहब, मृतक गुलफाम सिंह यादव का फाइल फोटो भी भेज दिया है
-हमारे गांव में बंदरों का बहुत आतंक है। रात ही हमारे परिवार के गुलफाम सिंह बंदरों के हमले में छत से गिर गए थे और उनकी मौत हो गई थी। इससे हमारे परिवार में मातम पसरा हुआ है। लोग बंदरों से डरे हुए हैं। -राजेश यादव
- बंदरों से फसलों को बहुत नुकसान हो रहा है। सुबह ही बंदर धान और गन्ने के खेतों में पहुंच जाते हैं। फिर फसलों को तोड़कर नुकसान पहुंचाते हैं। प्रशासन को कम से कम इनके बारे में सोचना चाहिए। इन्हें पकड़वाकर दूर पहुंचाया जाए।- कप्तान सिंह यादव
- बंदर गांव में फसलों को ही नुकसान नहीं पहुंचा रहे बल्कि घर से कपड़े, बर्तन और अन्य चीजें उठाकर ले जाते हैं। कपड़े फाड़ देते हैं। इससे नए कपड़े बाहर सुखाना तक मुश्किल हो गया है। जब तक इनसे राहत नहीं मिलेगी तब तक नुकसान होता रहेगा। -संतोष यादव
- हमारे गांव में ही नहीं हर जगह बंदरों की संख्या बढ़ रही है। इस पर जिला प्रशासन को विचार करना चाहिए। बंदरों को पकड़कर जंगल में छोडा जाए। हम जिला प्रशासन और सरकार से भी मांग करते हैं कि बंदरों को पकड़ा जाए। - शिशुपाल यादव
- गांवों में बंदरों की संख्या बढ़ी है और नुकसान हो रहा है तो इस मामले में वन विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा। उनकी मदद से बंदरों को पकड़वाकर जंगलों में छुड़वाने का प्रयास करेंगे। - अनिल कुमार, प्रभारी सीडीओ