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चार साल की बच्ची की तालाब में डूबकर मौत, गुस्साए लोगों ने किया रोड जाम

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अवनि फाइल फोटो। संवाद - फोटो : BADAUN
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उसावां/ म्याऊ (बदायूं)। उसावां थाना क्षेत्र के गौतरा गांव में शनिवार रात चार साल की बच्ची अवनि की तालाब में डूबकर मौत हो गई। सड़क पर जलभराव होने की वजह से वह तालाब की दीवार पर होकर टॉफी लेने जा रही थी। अचानक पैर फिसला और तालाब में गिर गई। परिवारवालों ने उसके शव को निकाल लिया और रविवार सुबह हजरतपुर रोड पर शव रखकर जाम लगा दिया। खस्ताहाल सड़क को लेकर ग्रामीणों में गुस्सा था। करीब तीन घंटे तक जाम लगा रहा।
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ग्राम गौतरा के मोहल्ला भौनी पट्टी निवासी दिवाकर शर्मा के मुताबिक बेटी टॉफी खाने की जिद कर रही थी। उनके रास्ते में सड़क पर काफी समय से जलभराव है। सड़क की दूसरी ओर तालाब है। इस समय तालाब भी पूरा भरा हुआ है। सड़क और तालाब के बीच एक दीवार है। अधिकांश लोग उसी पर होकर गुजरते हैं। इससे उन्होंने बेटी को दुकान पर जाने से मना कर दिया था। लेकिन वह चुपचाप घर से निकल गई। इसी दौरान दीवार से होकर जाते समय वह तालाब में गिर गई।
दिवाकर शर्मा ने बेटी को तलाश किया लेकिन वह नहीं मिली। करीब एक घंटे तक उसकी खोजबीन चली। तब किसी ने बताया कि अवनि को तालाब की दीवार पर जाते देखा था। मशक्कत के बाद शनिवार देर रात उसके शव को तालाब से निकाल लिया गया। परिवारवालों ने शव घर में रख लिया। रविवार सुबह सात बजे उन्होंने हजरतपुर रोड पर शव रखकर जाम लगा दिया। इसकी सूचना पर थाना पुलिस पहुंच गई। एसओ प्रकाश सिंह ने लोगों को समझाने की कोशिश की। ग्रामीण जलभराव की समस्या को लेकर मौके पर डीएम को बुलाने की मांग कर रहे थे। करीब तीन घंटे बाद दस बजे जाम खुलवाया सका। जाम में कुछ देर वाहन फंसे रहे, बाद में उन्हें दूसरे रास्तों से निकाल दिया गया।
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सड़क बन जाती तो बच जाती बच्ची की जान
उसावां/म्याऊ (बदायूं)। शनिवार रात गौतरा गांव में जिस तालाब में डूबकर चार साल की बच्ची अवनि की मौत हो गई। उसमें गांव के कई लोग गिरकर घायल हो चुके हैं। ग्रामीण भी लंबे समय से सड़क पर जलभराव को लेकर शिकायत कर चुके हैं। लेकिन इस और कोई ध्यान नहीं दिया गया। इससे गौतरा गांव के लोगों में खासी नाराजगी है।
गौतरा गांव के मोहल्ला भौनी पट्टी में एक बड़ा तालाब है। उसके किनारे सड़क है। काफी समय से इस सड़क पर जलभराव है। इससे ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी होती है। इसके अलावा सबसे बड़ी समस्या यह है कि तमाम लोग इस तालाब में गिरकर घायल हो चुके हैं। सड़क और तालाब के बीच एक दीवार है। सड़क पर जलभराव होने की वजह से लोग तालाब की दीवार पर चढ़कर आते-जाते हैं। इससे गुजरना खासा जोखिम भरा है। जरा सा ध्यान भटकने पर लोग या तो सड़क या फिर तालाब में गिरते हैं।
बच्चों और बुजुर्गों का इधर से जाना खतरे से खाली नहीं है। वे हल्का डगमगाते ही तालाब में गिरकर चोटिल हो जाते हैं। इस समस्या को लेकर ग्रामीण काफी समय से शिकायत करते आ रहे हैं। उन्होंने कई बार अपने गांव के प्रधान से ही शिकायत की और सड़क सही कराने की मांग की। इसके अलावा ब्लॉक जाकर भी सड़क सही कराने को पत्र दिया था। लेकिन जिम्मेदारों ने इस ओर ध्यान देने की जरूरत नहीं समझी।
शनिवार रात जब बच्ची की तालाब में डूबकर मौत हुई तो ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने सड़क पर जाम लगाकर सड़क सही कराने की मांग की। वे डीएम को मौके पर बुलाने पर अड़ गए। ग्राम प्रधान और ब्लॉक प्रमुख ने सड़क सही कराने का आश्वासन दिया तब कहीं जाकर शांत हुए और जाम खोला।
मेरी बेटी मीनाक्षी भी करीब दस दिन पूर्व इसी तालाब में गिर गई थी। समय रहते उसे देख लिया और तालाब से निकाल लिया। इससे उसकी जान बच गई। नहीं तो जाने क्या होता। ये मौत का तालाब है। -किशन कुमार शर्मा
ये तालाब बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरा बन गया है। एक सप्ताह पहले मेरा बेटा अभि भी इसी तालाब में गिर गया था। वो तो बच्चों ने शोर मचा दिया। तब उसे निकाल लिया गया। इस तालाब के चारों ओर लोहे की ग्रिल लगाई जाए। -अरविंद कुमार शर्मा
बीस दिन पहले मैं इसी दीवार से होकर निकल रही थी कि रास्ते में लड़खड़ा गई और तालाब में गिर गई। इससे मेरे पैर में काफी चोट आई। जब प्रधान वोट मांगने आए थे। हमने तभी इसकी मरम्मत कराने को कहा था लेकिन तब से वह आए ही नहीं। -रामश्री
जन प्रतिनिधि केवल झूठ बोलकर वोट लेते हैं। उसके बाद मुड़कर नहीं देखते। अगर समय रहते रास्ता और पुलिया सही करवा दी जाती तो आज मेरी बेटी की मौत नहीं होती। ये जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की लापरवाही है।- रचना शर्मा, अवनि की मां
तालाब किनारे से गुजरना खतरनाक है। तालाब से सांप निकलकर आ जाते हैं। रात के समय यहां और ज्यादा खतरा होता है। इसके बावजूद समस्या को लेकर ध्यान नहीं दिया गया है। अगर जिम्मेदार पर इस गौर कर लेते तो शायद मेरी बेटी की मौत नहीं होती।- दिवाकर शर्मा, अवनि के पिता
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