बदायूं। उलाईखेड़ा गांव में जमीन पर कब्जा व गेहूं काटकर उसकी रकम ग्राम पंचायत के खाते में जमा न कराने की शिकायत पर शासन से गठित की गई कमेटी कादरचौक ब्लॉक की जैतपुर पुख्ता ग्राम पंचायत में पहुंचे। इसमें विशेष सचिव राजस्व व अपर आयुक्त बरेली के अलावा जिला स्तरीय अधिकारी थे। टीम ने पत्रावलियां देखी व अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए।
पूर्व प्रधान राजेश्वर सिंह ने शासन से शिकायत करते हुए बताया था कि 2023 में 13 से 17 अप्रैल तक तत्कालीन उपजिलाधिकारी ने बिना राजस्व भूचित्र के भूमिधर कृषकों के पट्टेदारों का गेहूं कटवाया था, जो करीब 80 लाख से एक करोड़ रुपये का था। इसकी धनराशि अबतक ग्राम पंचायत के खाते में जमा नहीं करवाई गई है।
58 पट्टे भूचित्र के बिना ही नाप दिए गए, इसमें कई किसानों की जमीन चली गई। इसका अब तक कोई नक्शा भी नहीं दे पा रहे हैं। गेहूं काटने के बाद भूमि पर कब्जा करा दिया गया। आरोप है कि कादरचौक ब्लॉक के उलाईखेड़ा गांव में तीन हजार बीघा भूमि पर अवैध वसूली कर जमीन पर कब्जा कराया गया है।
इसको लेकर शासन से जांच बैठाई गई, जिसमें शुक्रवार को विशेष सचिव राजस्व रामकेवल, अपर आयुक्त बरेली, एडीएम प्रशासन अरुण कुमार व अन्य अधिकारी कादरचौक ब्लॉक के जैतपुर पुख्ता पंचायत भवन पर पहुंचे।
यहां शिकायत करने वाले पूर्व प्रधान राजेश्वर सिंह ने बताया कि 2002 में 133 पट्टेदारों को कृषि के लिए भूमि आवंटन का प्रस्ताव गया था। इसमें से 126 पट्टेदारों का आवंटन स्वीकृत हुआ। इनमें सात पट्टेदारों को परगना अधिकारी सदर ने 2002 में निरस्त कर दिया। उन्होंने जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत की।
अधिकारियों ने सारे दस्तावेज चेक किए। इसके बाद विशेष सचिव राजस्व ने एडीएम प्रशासन का दिशा निर्देश दिए। पूर्व प्रधान समेत कई लोगों से बातचीत कर उनके बयान दर्ज किए। प्रधान का आरोप है कि टीम ने स्थलीय निरीक्षण नहीं किया। केवल पंचायत कार्यालय पर बैठकर पत्रावलियों को देखकर ही चले गए।