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Budaun News: एचपीसीएल कांड के मुख्य आरोपी अजय के ताऊ की सरकारी भूमि पर बनी दुकानाें की हुई पैमाइश

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दुकानों की रोबर मशीन से पैमाइश करती राजस्व टीम। स्रोत-प्रशासन।
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दातागंज। गांव सैजनी स्थित एचपीसीएल प्लांट में हुए दोहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह के ताऊ राकेश सिंह की सरकारी भूमि पर बनी 27 दुकानों की सोमवार को पैमाइश की गई। नायब तहसीलदार अमित कुमार के नेतृत्व में सात सदस्यीय राजस्व टीम ने रोबर मशीन से कई घंटों तक पैमाइश की। यह सेटेलाइट व जीपीएस से लैस आधुनिक उपकरण है, जिसका उपयोग जमीन की पैमाइश व नक्शा बनाने व सीमांकन के लिए करते हैं। इससे भूमि की सटीक जानकारी मिलती है। अब पैमाइश रिपोर्ट को एक अक्टूबर को हाईकोर्ट में दाखिल की जाएगी।
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12 मार्च को मूसाझाग थाना क्षेत्र के सैजनी स्थित एचपीसीएल प्लांट में दो अधिकारियों की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह के ताऊ राकेश सिंह ने दातागंज के सैजनी स्थित सरकारी भूमि पर अवैध रूप से 27 दुकानों का निर्माण किया था, कुछ माह पहले तहसील प्रशासन की ओर से कराई गई जांच में इसकी पुष्टि हुई थी। इसके बाद तहसील प्रशासन ने सरकारी भूमि पर दुकान बनाने के आरोप में राकेश सिंह पर जुर्माना भी लगाया था।
दुकानों को अवैध घोषित करार देते हुए ढहाने का आदेश जारी किया था, लेकिन तहसील में पूर्व में तैनात अधिकारियों की लापरवाही की वजह से 27 दुकानों को ढहाया नहीं जा सका था। इसके बाद अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। राकेश सिंह पक्ष के लोग दुकानों को बचाने के लिए हाईकोर्ट चले गए। राकेश सिंह ने हाई कोर्ट में दुकानों को निजी भूमि पर बनी होने का दावा किया है, यह प्रकरण अभी हाईकोर्ट इलाहाबाद में विचाराधीन है। पांच दिन पहले हाईकोर्ट ने प्रकरण में जिला प्रशासन को 27 दुकानों की भूमि की पैमाइश कराने और भूमि सरकारी या निजी इस संबंध में विस्तृत जांच रिपोर्ट पहली अक्तूबर को दाखिल करने का आदेश दिया है।
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इसी के अनुपालन में एसडीएम दातागंज विनोद कुमार ने सात सदस्यीय टीम गठित की है। जिस भूमि पर दुकानें बनी हैं, वह भूमि सरकारी रिकॉर्ड में 238 नंबर है। नौ बीघा भूमि पर दुकानें बनी हैं। इधर एसडीएम विनोद कुमार ने बताया कि सोमवार को दुकानों की पैमाइश करा ली गई। पैमाइश रिपोर्ट हाईकोर्ट में दाखिल की जाएगी। सटीक पैमाइश कराने के लिए रोबर मशीन का प्रयोग किया गया है।
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