बदायूं। उसावां थाना क्षेत्र के नगरिया चिकन में दो मंजिला घर में हुए विस्फोट का कारण गंधक-मंसड़ व पोटाश का मिश्रण माना जा रहा है। इन सभी विस्फोटक पदार्थों का इस्तेमाल हथगोला बनाने के लिए किया जाता है। आतिशबाजों ने बताया कि जिस तरीके से दो मंजिला मकान विस्फोट में धराशाही हुआ है, वह शादी समारोह में चलने वाले पटाखों से नहीं हो सकता है। इसलिए आशंका है कि कमरे के अंदर भारी मात्रा में हथगोला बनाने के लिए गंधक-मंसड़ व पोटाश का भंडारण होगा। इन्हीं तीनों के मिश्रण की वजह से इतना भीषण विस्फोट हुआ। हालांकि पुलिस-प्रशासनिक जांच अभी चल रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही विस्फोट के मुख्य कारण की वजह स्पष्ट चल सकेगी।
11 अप्रैल को उसावां थानाक्षेत्र के नगरिया चिकन गांव में शाम छह बजे दो मंजिला मकान में विस्फोट हुआ था। इस विस्फोट में आतिशबाज उमेश उर्फ राहुल व मनोज की मलबे में दबकर मौत हो गई थी। उमेश ने 15 किलो बारूद का लाइसेंस लिया था। इस लाइसेंस के जरिए वह पटाखे बनाकर बेच सकता था। प्रशासन की तरफ से उसकी दुकान हजरतपुर कस्बे में आवंटित थी, लेकिन उसने दुकान की बजाय मकान को ही पटाखा फैक्टरी बना लिया था। इस विस्फोट का कारण अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है।
पहले भी हो चुके कई धमके
जिले में विगत कुछ सालों से कई विस्फोट हुआ है। विस्फोट के मुख्य कारण पटाखों का अवैध भंडारण बताया गया है, लेकिन आतिशबाज विस्फोट की बढ़ती घटनाओं में पटाखों को जिम्मेदार नहीं मानते है। आतिशबाजों का कहना है कि पटाखों में अगर आग भी लगती है तो वह सिर्फ हल्के धमाके के साथ जलते है। इतना बड़ा विस्फोट नहीं करते। ऐसे धमाके अक्सर विस्फोटक सामग्री के मिश्रण के तहत होते है।
कानपुर से लाते हैं विस्फोटक सामग्री
पटाखे बनाने के लिए आतिशबाज कानपुर से आने वाली बारूद की अपेक्षा अब गंधक, मंसड़ और पोटाश का प्रयोग करते है। मंसड़ गंधक की ही तरह एक किस्म का विस्फोटक पदार्थ है। इसे पोटाश के साथ मिलाने पर बहुत तेज धमाका होता है। इसकी मारक क्षमता भी ज्यादा हो जाती है। प्रशासन ने पटाखे बनाने के लिए लाइसेंस तो निर्गत किए है, लेकिन जिले में बारूद की कोई दुकान नहीं है। ऐसे में आतिशबाज पटाखे बनाने में गंधक के साथ मंसड़ व पोटाश का इस्तेमाल करते है। इसके मिश्रण व कंक्रीट से हथगोला भी तैयार किए जाते हैं।
मलबे में दबे में विस्फोट के अंश
विस्फोट होने के बाद पुलिस ने मलबे समेत में जले सामान के अवशेषों के नमूने लिए है। इन नमूनों को लैब भेजा जाएगा, ताकि स्पष्ट हो सके कि विस्फोट का मुख्य कारण क्या रहा? मलबे में सुतली के भी जले अवशेष मिले है। इससे आशंका जताई जा रही है कि शायद उस कमरे में बने हुए हथगोला रखे थे। भारी वजन के दबाव पड़ने पर एक साथ वह फट गए।