यहां रखा था गेहूं का लॉक , केवल राख ही बची। संवाद
कादरचौक। खेत में रखे गेहूं के लॉक में अचानक आग लग गई। घटना भरी दोपहरी में होने के कारण आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया। जबतक लोग आग बुझाने का प्रयास करते पूरा लॉक जल गया। खेत स्वामी का कहना है कि उसका करीब एक लाख रुपये का नुकसान हुआ है। आग लगने का सही कारण ज्ञात नहीं हो सका है। लोगों का कहना है कि दमकल स्टेशन न होने से क्षेत्र में आग की घटनाओं में राहत नहीं मिलती है।
थाना क्षेत्र के गांव रमजानपुर निवासी किसान सत्तार ने अपने नौ बीघा खेत में उगाई गेहूं की फसल काटकर लॉक बनाकर खेत में ही इकट्ठा करके रखी थी। भरी दोपहर में अज्ञात कारणों से अचानक आग लग गई। आसपास के किसानों ने देखा तो उन्होंने आग पर काबू पाने के भरसक प्रयास किए। आसपास पानी उपलब्ध न होने पर खेत की मिट्टी डालकर आग बुझाने में लगे।
भरी दोपहरी और आग की लपटों की गर्मी के बीच आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया। कुछ देर में ही पूरा लॉक जल गया। किसान सत्तार के मुताबिक, उसका लॉक जलने से करीब एक लाख का नुकसान हुआ है। कादरचौक में फायर ब्रिगेड न होने के कारण क्षेत्र में आग बुझाना मुश्किल है।
इस बार फायर ब्रिगेड गाड़ी की नहीं हुई व्यवस्था
कादरचौक। गंगा की कटरी में आग की घटनाएं अक्सर भयंकर रूप ले लेती हैं। अप्रैल से जून तक थाने पर पिछले वर्ष फायर बिग्रेड की एक गाड़ी स्टाफ सहित तैनात रही।
पिछले वर्ष गफ्फार नगला में आग में जलकर ममेरे-फुफेरे दो भाइयों की मौत हो गई थी। फायर स्टेशन यहां 35 से 40 किमी दूर पड़ता है। फायर ब्रिगेड को पहुंचने में समय लगता है। रास्ते में रेल फाटक भी है। इससे समय पर फायर ब्रिगेड नहीं पहुंच पाती। इसी को देखते हुए पिछले वर्ष से कादरचौक पर एक गाड़ी तीन महीने के लिए तैनात की गई थी, लेकिन इस बार गाड़ी नहीं पहुंची है। संवाद