स्कूली बस्ते का बोझ नहीं उठाएंगे बच्चे
-बदायूं से नहीं मिट रहा कुपोषण का कलंक, सर्वे में सामने आई स्थिति
सरकार कुपोषण को दूर करने के लिए हर संभव कोशिश में जुटी है। इसके लिए पुष्टाहार पर हर महीने करोड़ों रुपया खर्च हो रहा है लेकिन जिले से कुपोषण का कलंक नहीं मिट पा रहा है। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से किए गए सर्वे में जिले में 48 हजार कुपोषित बच्चे सामने आए हैं। इसके अलावा 20 हजार बच्चे अतिकुपोषित हैं।
यह स्थिति तब है जब सरकार की ओर से कुपोषण मुक्ति के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत जिले के लगभग सभी अफसरों को एक-एक गांव गोद देकर इसके लिए प्रयास करने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम और सीडीओ समेत कई अफसरों ने गांव गोद भी लिए लेकिन उनमें भी कुपोषित बच्चे पाए गए हैं। जाहिर है कि कुपोषण के खिलाफ मुहिम में सही प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। जबकि सरकार की ओर से कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों को अतिरिक्त पोषाहार वितरण के निर्देश हैं लेकिन पोषाहर इन तक पहुंचता तो शायद स्थिति में सुधार होता लेकिन ऐसा नहीं है। अप्रैल माह में जिले में कुपोषण की स्थिति जानने के लिए बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों पर वजन के जरिए बच्चों के कुपोषण की जांच की गई। इसमें 9 हजार बच्चों में कुपोषण सामने आया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी निर्मल शर्मा का कहना है कि सर्वे के आधार पर चिह्नित अतिकुपोषित और कुपोषित बच्चों को सामान्य से दोगुनी पंजीरी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। गंभीर स्थिति वाले बच्चों को चिकित्सीय सुविधा के लिए रेफर किया जाएगा। समय-समय पर इनके टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग को लिखा गया है।
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कुपोषण की स्थिति को गंभीरता से लेकर जिला कार्यक्रम अधिकारी को आंगनबाड़ी केंद्रों के जरिए बच्चों की सेहत में सुधारने के प्रयास तेज करने के निर्देश दिए हैं।
-अच्छेलाल सिंह यादव, सीडीओ --
इंसेट...
यह है कुपोषण की स्थिति
ब्लाक अति कुपोषित कुपोषित
बिसौली 1822 3084
इस्लामनगर 1026 2829
अंबियापुर 1104 2997
वजीरगंज 1438 2735
जगत 1181 2530
आसफपुर 1690 3900
सहसवान 1994 3227
उझानी 1354 3331
दातागंज 950 2690
समरेर 922 2218
म्याऊ 1164 3497
उसावां 979 3141
दहगवां 1440 3395
सलारपुर 1138 3597
कादरचौक 1315 3600
बदायूं 465 1560