बदायूं। डेंगू और मलेरिया का संक्रमण रोकने के लिए 14 विभागों को सौंपी गई है। फिर भी मच्छरों का प्रकोप कम नहीं हो रहा है और छह महीने में 462 लोग मलेरिया से संक्रमित हो गए हैं।
जिले में 1037 ग्राम पंचायतें हैं। अमूमन हर गांव में जलभराव की समस्या है और मच्छरों का प्रकोप है। इससे मलेरिया फैल रहा है। मलेरिया का प्रकोप जुलाई के अंत से शुरू होकर अक्तूबर तक ज्यादा रहता है। इस बार जून में ही मच्छर डंक मारने लगा है। यही कारण है कि जनवरी से अब तक 462 लोग मलेरिया से पीड़ित हो गए। डीएम की अध्यक्षता में संचारी रोग नियंत्रण के लिए बैठकें हो चुकी हैं, निर्देश के बाद भी विभाग काम नहीं कर रहे हैं।
किस ब्लॉक में कितने मरीज
अंबियापुर-07, आसफपुर-23, बिसौली-42, बदायूं अर्बन-14, दातागंज-51, दहगवां-09, इस्लामनगर-24, जगत-58, म्याऊं-48, कादरचौक-08, सहसवान-10, सलारपुर-38, समरेर-98 उझानी-11, उसावां-03, वजीरगंज-18 मरीज सामने आ चुके हैं।
मलेरिया विभाग के पांच साल के आंकड़े
वर्ष जांच संक्रमित
2020 252745 11987
2021 157294 1665
2022 2, 70377 1373
2023 3, 72,684 3224
2024 4, 31309 3610
इनकी भी है जिम्मेदारी
पंचायती राज, कृषि, बेसिक शिक्षा, नगर विकास, बाल विकास, ग्राम्य विकास, चिकित्सा, सिंचाई, पशुपालन, दिब्यांग जन सशक्तीकरण, सूचना एवं जनसंपर्क, वाणिज्यकर, नमामि गंगे, जल निगम और शिक्षा विभाग को जागरूकता के अलावा संक्रामक रोग रोकने की जिम्मेदारी दी गई है।
कोट,
- अभी मलेरिया के केस कम हैं। जुलाई के अंतिम सप्ताह से अक्तूबर तक यह फैलता है। इस समय अगर सभी विभाग पूरी तरह से अलर्ट रहें तो मलेरिया पर नियंत्रण कर सकते हैं। शहर में लगातार फॉगिंग कराई जा रही है। गांव-गांव साफ-सफाई को पंचायती राज विभाग को समय समय पर पत्र भेजा जाता है। - योगेश सारस्वत, जिला मलेरिया अधिकारी