बदायूं। जिम्मेदारों की अनदेखी और लापरवाही की वजह से ग्राम पंचायत बादल और ग्राम पंचायत पेपल की दो गोशालाओं में 14 गोवंशों की मौत हो गई। 12 गोवंश बीमारी से तड़प रहे हैं। गोवंशों के शवों के सड़ने के बाद दुर्गंध गोशाला से बाहर तक फैलने लगी, तब ग्रामीणों ने गोशाला पहुंचकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी करते हुए प्रदर्शन किया। दोनों गोशालाओं को एनजीओ संचालित करते हैं। आरोप है कि एनजीओ को जिम्मेदारी देने का बाद अफसरों ने दोबारा गोशालाओं का रुख ही नहीं किया।
कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री ने अफसरों को बारिश में गोशाला में चारा, गोवंशों को रोगों से बचाने आदि के इंतजाम करने के निर्देश दिए थे, बावजूद इसके अफसरों ने जिले की गोशालाओं की तरफ ध्यान नहीं दिया। वहीं, पशुपालन विभाग ने गोशालाओं के संचालन के लिए एनजीओ को जिम्मेदारी दी, लेकिन मॉनिटरिंग नहीं की। शुरू में तो एनजीओ की ओर से गोशालाओं का संचालन ठीक से किया गया। अब एनजीओ की ओर से संचालित गोशालाओं में गोवंशों को पर्याप्त चारा भी नहीं दिया जा रहा है। अन्य अनियमितताएं भी सामने आई हैं। अब अधिकारी निरीक्षण कर खानापूरी में लगे हैं।
ग्रामीणों का आरोप 9 गोवंश मरे, पशुपालन विभाग बता रहा तीन
- बीडीओ ने एनजीओ को ब्लैकलिस्ट कराने के लिए डीएम को लिखा पत्र, अनियमितताओं की पुष्टि
संवाद न्यूज एजेंसी
कुंवरगांव। सालारपुर ब्लॉक क्षेत्र के बादल गांव स्थित गोशाला में गोवंशों के शव पड़े होने का वीडियो सोमवार को वायरल होने के बाद प्रशासन से लेकर पशुपालन विभाग में खलबली मच गई। गोवंशों की बदबू से परेशान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीण नौ गोवंश की मौत तो पशुपालन विभाग तीन की मौत बता रहा है।
ग्रामीणों के आक्रोश के बीच पशु चिकित्साधिकारी डॉ. संजीव भूरियार मौके पर पहुंचे और मृत गोवंश के अंतिम संस्कार के लिए जेसीबी मंगवाई। जेसीबी के पहुंचते ही ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए उच्चाधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की। इसके बाद खंड विकास अधिकारी नितिन कुमार, एडीओ पंचायत शिवकुमार समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे।
इस दौरान मौके पर पहुंचे पशुप्रेमी विकेंद्र शर्मा ने गोशाला में कई गोवंश बिना टैग होने और संचालन कर रहे एनजीओ पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए। उनका कहना था कि कई गोवंश बीमार हालत में थे, बावजूद इसके उनका उपचार तक नहीं कराया गया। आश्वासन के बाद जेसीबी से गोशाला परिसर में फैली गंदगी और दलदल की सफाई कराई गई। मृत नौ गोवंश के शवों को गड्ढा खोदकर मिट्टी में दबाया गया, जबकि अन्य गोवंश को चारा डाला गया।
बीडीओ बोले- एनजीओ को ब्लैक लिस्ट करने के लिए डीएम को भेजा है पत्र
खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) नितिन कुमार ने बताया कि गोशाला का स्थलीय निरीक्षण किया था। इस दौरान एनजीओ की कार्यप्रणाली में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। इस संबंध में एनजीओ दानवीर जनकल्याण समिति को जिले से ब्लैकलिस्ट कराने के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजा गया है। साथ ही सभी गोवंश की टैगिंग कराने और दस दिन के भीतर गोशाला का फर्श पक्का कराने का आश्वासन दिया।
पहले होती कार्रवाई तो नहीं मरते इतने गोवंश
करीब एक माह पूर्व ग्राम पंचायत बादल की इसी गोशाला से शवों को तालाब में फेंकने का मामला सामने आया था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद गड्ढा खोदवाकर शवों को दफन कराया गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि इस मामले में एनजीओ संचालकों की अधिकारियों की सांठगांठ के चलते अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस कारण प्रतिदिन गोवंश तड़प-तड़प कर दम तोड़ रहे हैं।
पेपल गांव में एसडीएम के सामने
बीमार दो गोवंशों ने तोड़ा दम
- कुल पांच गोवंशों की हुई मौत, एनजीओ गोशाला कर रहा संचालित
संवाद न्यूज एजेंसी
बिसौली। वजीरगंज क्षेत्र की ग्राम पंचायत पेपल में एनजीओ बीएनके ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज खेड़ा नवादा की ओर से संचालित गोशाला में लापरवाही के चलते पांच गोवंशों की मौत का मामला सामने आया है।
सोमवार को ग्रामीणों की शिकायत पर एसडीएम प्रियंका गोयल और बीडीओ शैली गोविल मौके पर पहुंचीं, तब दो गोवंशों ने दोनों अफसरों के सामने तो एक ने उनके जाते ही दम तोड़ दिया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रविवार रात में दो मृत गोवंशों को दफनाया गया था। उनका आरोप है कि गोशाला में न तो पर्याप्त मात्रा में भूसा उपलब्ध है और न ही हरा चारा ही दिया जा रहा है। इसी लापरवाही के कारण लगातार गोवंशों की मौत हो रही है। गोशाला में कागजों में 88 गोवंश दर्शाए गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, प्रतिदिन गोशाला में गोवंश भूख से दम तोड़ देते हैं। मरने वाले गोवंशों को फेंककर दूसरे रख लिए जाते हैं।
एसडीएम ने अच्छे से संचालन हो सके इसके लिए गोशाला एनजीओ से हटाकर ग्राम पंचायत को देने की बात कही है। इधर, भाकियू के तहसील अध्यक्ष मुकेश भदौरिया ने बताया कि ग्राम पंचायत पेपल में गोशाला में गोवंशों की मौत के बाद ग्रामीण एनजीओ पर केस करने के लिए थाने गए थे, लेकिन पुलिस केस दर्ज करने से मना कर दिया गया।
गोवंशों की मौत के मामले की सूचना मिलने पर विभाग की जांच टीम दोनों जगह मौके पर जांच कर रही है जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी। - डाॅ. प्रेम सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
बादल गांव स्थित गोशाला में दलदल में बैठे गोवंश। संवाद
बादल गांव स्थित गोशाला में दलदल में बैठे गोवंश। संवाद
बादल गांव स्थित गोशाला में दलदल में बैठे गोवंश। संवाद
बादल गांव स्थित गोशाला में दलदल में बैठे गोवंश। संवाद