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जानबूझकर सांसद ने किया वंदेमातरम् का बायकाट

Thu, 09 May 2013 12:39 PM IST
संभल/ब्यूरो
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बसपा सांसद डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क ने बुधवार को लोकसभा के सत्र समापन के दौरान राष्ट्र गीत वंदेमातरम् का बायकाट जानबूझकर किया था।
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उनका कहना है कि वह देश के लिए हर कुर्बानी देने को तैयार हैं, लेकिन जहां मामला इसलाम का है तो वहां समझौता नहीं कर सकते।

डॉ. बर्क ने कहा कि वह राष्ट्रगान 'जन गण मन' का सम्मान करते हैं। वह राष्ट्रगान पूरे एहतराम के साथ करते हैं लेकिन वंदेमातरम् गीत इसलाम के अनुरूप नहीं है। इसलिए लोकसभा में जब वंदेमातरम् के लिए सभी खड़े हुए तो वह उसे बीच में छोड़कर चले गए।

उन्होंने कहा कि लोकसभा प्रतिनिधित्व के लंबे काल में यह दूसरा मौका था, जब उनके सामने वंदेमातरम् गाया गया। पहली बार 1997 में जब लोकसभा की गोल्डन जुबली के समय राष्ट्र गीत गाया गया था तो उन्होंने इसे इसलाम के विपरीत बताते हुए विरोध किया था। और दूसरी बार उन्होंने इसका बहिष्कार कर दिया।
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गौरतलब है कि बुधवार को लोकसभा के सत्र समापन के दौरान डॉ. बर्क ने राष्ट्र गीत का बायकाट किया था जिस पर लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने उन्हें भविष्य में ऐसा न करने की हिदायत दी थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार तब डॉ. बर्क ने राष्ट्र गीत का बायकाट करने के पीछे पेट खराब होने का बहाना बनाया था।

राष्ट्रगीत के लिए नहीं है कानून
वंदे मातरम के अपमान को लेकर देश में कोई नियम-कानून नहीं है। यह अलग बात है कि इस राष्ट्रगीत को राष्ट्रगान जन-गण-मन की तरह सम्मानित और संवैधानिक दर्जा हासिल है, लेकिन इसके लिए कोई प्रोटोकॉल और दिशा-निर्देश नहीं हैं।
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पिछले दिनों एक आरटीआई में गृहमंत्रालय ने यह जानकारी दी थी। साफ है कि वंदे मातरम को जन-गण-मन के बराबर का दर्जा सिर्फ कागजी है। व्यावहारिक स्थिति कुछ और है। ऐसे में वंदे मातरम का अपमान करने वाले बसपा सांसद को कोई सजा नहीं होगी।
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