बीएसएफ के शहीद एएसआई सत्यनारायण यादव की पत्नी सुशीला देवी ने कहा कि सरकार आतंकियों से किसी भी तरह की बातचीत बंद करे। उन्हें उनकी भाषा में ही कड़ा सबक सिखाए, तभी शहीदों का बदला पूरा होगा।
उन्होंने अपने दोनों बेटों को भी फौज में नौकरी देने की मांग की, ताकि वह बार्डर पर जाकर देश के दुश्मनों से पिता की मौत का बदला ले सकें। सदर कोतवाली इलाके के बांसपार बैदा गांव निवासी सत्यनारायण यादव तीन दशक पहले बीएसएफ की 33वीं बटालियन में सिपाही भर्ती हुए थे।
प्रमोशन पाकर वह एएसआई बने। तीन महीने बाद वह सेवानिवृत्त होने वाले थे। वर्तमान में उनकी तैनाती जम्मू के अखनूर सेक्टर में थी। जनवरी में छुट्टी पर घर आए सत्यनारायण से पत्नी सुशीला ने जम्मू घूमने की इच्छा जताई थी।
सुशीला ने कहा था कि सेवानिवृत्ति से पहले वह उसे एक बार जम्मू जरूर घुमा दें। पत्नी की इच्छा पूरी करने के लिए उन्होंने एक सप्ताह बाद जम्मू बुलाया था।
शहीद के घर पहुंचे अधिकारी
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पति से हरी झंडी मिलने के बाद सुशीला तैयारी में लगी थीं, लेकिन नियति को यह मंजूर नहीं था। रविवार अलसुबह फोन की घंटी बजी तो मनहूस खबर लेकर आई।
जैसे ही बताया गया कि सत्यनारायण अखनूर में पाकिस्तान की ओर से की गई गोलाबारी में शहीद हो गए हैं, परिवारवालों पर पहाड़ टूट पड़ा। भतीजे रिंकू यादव ने कहा कि अगर सीएम श्रद्धांजलि देने गांव में नहीं आएंगे तो अंतिम संस्कार नहीं करने दिया जाएगा।
वे यह लिखित आश्वासन भी दें कि दोनों बेटों जितेंद्र व राजेश को सेना में नौकरी दिलाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि
सीएम योगी
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पाकिस्तान के द्वारा की गई गोलीबारी में शहीद हुए देवरिया के बीएसएफ के एएसआई सत्य नारायण यादव और फतेहपुर के रहने वाले कांस्टेबिल विजय कुमार पांडेय के प्रति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।
इस गोलीबारी में शहीद हो गए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले इन वीर सपूतों को हमेशा याद किया जाएगा।
उन्होंने शहीद जवानों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की है और शहीद के परिजनों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की भी घोषणा की।