प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों में शिक्षा का कैसा स्तर है, एक बार फिर इसकी पोल खुल गई।
बहराइच के उच्चतर प्राथमिक विद्यालय मरौचा की प्रधानाध्यापिका 'कणाकार' शब्द का संधि विच्छेद नहीं कर पाईं। इतना ही नहीं इस शब्द का अर्थ पूछने पर भी वह चुप रहीं।
गायब मिली सहायक अध्यापिका
स्कूल की सहायक अध्यापिका अपर्णा बाजपेई अनुपस्थित थीं। असंतुष्ट बीएसए ने कार्रवाई करते हुए तुरंत ही प्रधानाध्यापिका को अनिवार्य सेवानिवृत्त का नोटिस थमा दिया।
इतना ही नहीं स्कूल में 121 छात्रों के सापेक्ष 33 छात्र ही उपस्थित मिले। इस पर अपर्णा का वेतन काटते हुए उनसे स्पष्टीकरण तलब किया गया।
बातों में मशगूल थे टीचर
इस स्कूल के अलावा बीएसए जब कुछ और स्कूलों के दौरे पर गए, तो ज्यादातर शिक्षक अनुपस्थित मिले। कहीं शिक्षक मौजूद भी थे, तो बच्चों को पढ़ाने के बजाय बातों में मशगूल थे।
बीएसए ने एक अन्य विद्यालय की प्रधानाध्यापिका समेत नौ शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है।
इसके अलावा तीन शिक्षकों का प्रशासनिक स्थानांतरण भी किया गया।