उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति अब भी बरकरार है। प्रभावित जिलों के कई गांव टापू में बदल गए हैं।
वर्षा के साथ-साथ प्रदेश के कई नदियों का जल स्तर खतरे के निशान के ऊपर पहुंच चुका है।
राहत आयुक्त मुख्यालय में स्थापित दैवी आपदा नियंत्रण कक्ष के मुताबिक जिन
नदियों का जल स्तर बढ़ा हुआ है उनमें गंगा, रामगंगा, यमुना, केन, गोमती,
घाघरा, राप्ती और रोहिन नदी शामिल हैं।
नियंत्रण कक्ष के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें मौसम विभाग से जो सूचना
मिली है उसके मुताबिक प्रदेश के अनेक स्थानों पर गरज चमक के साथ वर्षा होने
का अनुमान है।
अगले 36 घंटों में एक या दो जगहों पर भारी वर्षा होने की भी संभावना है।