उत्तरप्रदेश के गाजियाबाद जिले में चार भाइयों ने केवल इसलिए अपने जीजा को चाकू मार दिया, क्योंकि उसने घर जमाई बनने से इंकार किया था। आरोपियों ने तमंचे से फायर भी किया था। चौकी के पीछे गोली चलने पर आनन-फानन में पुलिसकर्मी भी मौके पर पहुंचे तो हमलावर भाग गए।
बुद्धनगर नसबंदी कालोनी निवासी मोहम्मद फुरकान पुत्र मोहम्मद शहीद बुधवार रात 8.45 बजे भाई उस्मान के साथ दिल्ली से घर लौट रहा था। लालबाग चौकी के पीछे अचानक चार युवकों ने दोनों भाइयों पर हमला कर दिया। उस्मान तो भाग गया लेकिन हमलावरों ने फुरकान के पेट में चाकू घोंप दिया।
वह भागा तो हमलावरों ने उस पर तमंचे से गोली दाग दी। उसके पैर में छर्रा लगा। फायर के बाद चौकी से कई पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे तो हमलावर भाग गए। फुरकान को दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहां उसकी हालत स्थिर बनी हुई है।
पीड़ित के पिता शहीद ने बताया कि 6 जून 2005 को फुरकान की मुस्तफाबाद दिल्ली निवासी रुखसाना पुत्री अब्दुल वहीद से शादी हुई थी। शादी के बाद दंपति के बीच अनबन हुई तो दो साल बाद ही रुखसाना मायके चली गई।
आरोप है कि ससुरालवाले फुरकान को घर जमाई बनाना चाहते है लेकिन उसने इनकार कर दिया। इसी बात को लेकर वह उसे धमका रहे हैं। फुरकान के साले साकिर ने चचेरे भाई मुइनुद्दीन, जहरीरुद्दीन तथा फुफेरे भाई उमर के साथ मिलकर हमला किया है। पुलिस ने शिकायत पर चारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।