बीआरडी कांड के आरोपी डॉ. कफील खान शनिवार शाम रिहा हो गए। वह आठ महीने से जेल में बंद थे। हाईकोर्ट से जमानत का आदेश जेल पहुंचने के बाद शाम सात बजे के करीब उन्हें रिहा कर दिया गया। जेल से बाहर आए डॉ. कफील ने कोर्ट पर भरोसा जताया और कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।
पिछल साल अगस्त महीने में बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी के बीच कई बच्चों की मौत हो गई थी। इस मामले में महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा की तहरीर पर पुलिस ने पूर्व प्रिंसिपल डॉ. राजीव मिश्रा, उनकी पत्नी डॉ. पूर्णिमा शुक्ला, डॉ. कफील खान समेत नौ लोगों के खिलाफ केस दर्जकर सभी जेल भेज दिया था।
25 अप्रैल को हाईकोर्ट से डॉ. कफील को जमानत मिल गई थी। आदेश न आने की वजह से उनकी रिहाई नहीं हो पा रही थी। शनिवार को परवाना आने के बाद जेल प्रशासन ने उन्हें रिहा कर दिया। इस मौके पर उनकी पत्नी शबिस्तां भी बेटी जबरीना के साथ जेल पहुंची थीं। उनके शुभचिंतक भी पहुंचे थे। जेल अधीक्षक रामधनी ने बताया कि कोर्ट का आदेश आने के बाद औपचारिकताएं पूरी कर डॉ. कफील को सात बजे रिहा कर दिया गया।
रो पड़ी पत्नी, तख्ती दिखाकर मांगा इंसाफ
जेल से डॉ. कफील के बाहर आते ही आठ महीने की बेटी को गोद में लिए पत्नी शाहिस्तां रो पड़ीं। परिवार और शुभचिंतकों ने उनके बाहर आने पर खुशी जताई और हाथ में तख्ती लेकर इंसाफ की मांग की। तख्ती पर कफील को इंसाफ देने के स्लोगन लिखे थे।
बीआरडी कांड में दूसरी रिहाई
बीआरडी कांड में यह दूसरी रिहाई है। इससे पहले पुष्पा सेल्स के मालिक मनीष भंडारी को कोर्ट से जमानत मिली थी। इसके बाद ही डॉ. कफील ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
ये अभी जेल में है बंद
पूर्व प्रिंसिपल डॉ. राजीव मिश्रा, डॉ. पूर्णिमा शुक्ला, डॉ. सतीश कुमार, उदय, सुधीर कुमार पांडेय, गजानन जायसवाल, संजय कुमार त्रिपाठी।