बोधगया में रविवार को हुए सीरियल ब्लास्ट के बाद खुफिया व जांच एजेंसियां हरकत में आ गई हैं। पहले से वांछित चल रहे इंडियन मुजाहिदीन के आतंकियों की तलाश और तेज हो गई है।
इनके बारे में सुराग खंगालने के लिए एनआईए और एटीएस की टीमें बिहार के लिए रवाना हो गई हैं। एनआईए के डीआईजी ज्योतिनारायण के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम बिहार में डेरा डाले है।
खुफिया एजेंसियों के साथ एनआईए व एटीएस उत्तर प्रदेश, अहमदाबाद, मुंबई, राजस्थान और बंगलूरू में हुए आतंकी हमलों के मामले में लंबे समय से आरिज खान उर्फ जुनैद, असदउल्ला अख्तर उर्फ हड्डी उर्फ डैनियल, मोहम्मद साजिद उर्फ बड़ा साजिद, डॉ शहनवाज आलम, वासनिक बिल्लू उर्फ रमजान उर्फ रामजन और शादाब बेग को तलाश रही है।
जांच एजेंसियों को इन सभी के आतंकी संगठनों से जुड़े होने की जानकारी है। हाल के दिनों में खुफिया व जांच एजेंसियां आतंकी संगठनों से जुड़े किसी बड़े नाम को नहीं पकड़ पाई हैं।
एक आला पुलिस अधिकारी नाम न छापने की शर्त पर कहते हैं कि जब से संदिग्ध आतंकियों से मुकदमा वापस लेने की कवायद शुरू हुई है, तब से पुलिसकर्मियों के मनोबल में कमी आई है।
उधर, बोधगया में हुए हमले के बाद ही रविवार को नेशनल इनवेस्टीगेशन एजेंसी (एनआईए) की पांच सदस्यीय टीम और यूपी एटीएस की टीम बोधगया पहुंच गई है।
दोनों ही टीमें वहां से जरूरी जानकारियां और सुराग जुटा रही हैं। इसके साथ ही दोनों एजेंसियों ने एक -एक टीम को आजमगढ़ में सक्रिय कर दिया है। जो संदिग्ध जांच के घेरे में थे उनकी गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
ये हैं वांटेड
आजमगढ़ के बिलारीगंज स्थित नासिरपुर निवासी आरिज खान उर्फ जुनैद
आजमगढ़ कोतवाली के असदउल्ला अख्तर उर्फ हड्डी उर्फ डैनियल
आजमगढ़ निजामाबाद के मोहम्मद साजिद उर्फ बड़ा साजिद
निजामाबाद के ही डॉ शहनवाज आलम
निजामाबाद निवासी वासनिक बिल्लू उर्फ रमजान उर्फ रामजन
साहब के किला निवासी शादाब बेग
इन लोगों से चल रही है मुकदमा वापसी की तैयारी
. अहमद हसन उर्फ बाबू
. मकसूद, जावेद उर्फ गुड्डू, ताज मोहम्मद
. याकूब और नासिर हुसैन
. मोहम्मद कलीम, सैय्यद अब्दुल मोबीन
. मुख्तार हुसैन, मोहम्मद अली अकबर, अजीजुर रहमान, नौशाद हाफिज और नूर इस्लाम
. इम्तियाज अली
. शमीम (सरफराज)
. मोहम्मद तारिक काशमी और खालिद मुजाहिद
बोधगया में हुए सीरियल ब्लास्ट के बाद हमारी टीम वहां पहुंच गई है। जरूरी सुराग और जानकारियां जुटाई जा रही हैं। राजीव सब्बरवाल, आईजी, एटीएस