‘जिसका उत्तर प्रदेश, उसका सारा देश’ नारे के साथ गुरुवार को भाजपा की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति की बैठक का समापन हो गया।
लोकसभा चुनाव में सपा के खिलाफ संघर्ष के ऐलान के साथ ही भाजपा ने यह स्पष्ट कर दिया कि अब पार्टी आक्रामक तेवर अपनाएगी।
बैठक में निर्णय लिया गया कि किसानों की समस्याओं को लेकर 18 अप्रैल को विधानसभा का घेराव किया जाएगा। भाजपा प्रदेश में संघर्ष की शुरुआत इटावा से करेगी।
प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने ‘पराक्रम दिखाओ, परिक्रमा छोड़ो’ का नारा देकर नेताओं-कार्यकर्ताओं से कहा कि जनसमस्याओं के लिए लड़-मरने को तैयार रहें।
यह भी तय हो गया भाजपा राम मंदिर और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के मुद्दे पर अटल रहेगी। अंतिम सत्र में राजनीतिक प्रस्ताव के साथ बुंदेलखंड पर विशेष प्रस्ताव पारित किया गया।
प्रदेश कार्यसमिति के समापन पर सबसे पहले सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के मुद्दे को स्पष्ट करके नेताओं की जिज्ञासा को शांत किया गया जिसकी चर्चा लालकृष्ण आडवाणी के डॉ. लोहिया पर विचार व्यक्त करने के बाद सपा मुखिया के बयान से उपजी थी।
वाजपेयी ने स्पष्ट किया कि भाजपा और सपा कभी एकजुट नहीं हो सकती।
डॉ वाजपेयी ने सपा, बसपा और कांग्रेस को कोसा और कहा कि मुलायम सिंह यादव जेल जाने से डर कर कांग्रेस को समर्थन दे रहे हैं।
बुंदेलखंड को पृथक राज्य पर विशेष प्रस्ताव पारित
समापन सत्र में पेश हुए बुंदेलखंड पर विशेष प्रस्ताव को पारित किया गया। प्रस्ताव में यह घोषणा की गई कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद बुंदेलखंड को पृथक राज्य बनाया जाएगा। इसके साथ ही भाजपा इस क्षेत्र के विकास के लिए प्राथमिकता पर अभियान छेड़ेगी।
40 सीटें जीतने का लक्ष्य
लोकसभा चुनाव में भाजपा ने प्रदेश से 40 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा। इस मौके पर मुख्य अतिथि भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उमा भारती ने कहा कि सीमा पर जितना आतंकवाद खतरनाक है, उतना ही देश के अंदर वोट बैंक की राजनीति है।
देश में सरकार बनाने के लिए यूपी बहुत महत्वपूर्ण है। प्रदेश की चुनौतियों ने विकराल रूप धारण कर लिया है।