अमानगढ़ वन रेंज और आबादी के बीच बनेगा जीरो कॉरिडोर
रजनीश त्यागी
बिजनौर। वन्य जीव व इंसानों के बीच होने वाले संघर्ष को रोकने और वन्य जीवों के जंगल से बाहर आने की निगरानी करने के लिए अमानगढ़ वन रेंज की सीमा पर जीरो कॉरिडोर बनाया जाएगा। इसकी चौड़ाई करीब 500 मीटर होगी। इसमें न तो फसल होगी और न ही जंगल रहेगा। वन विभाग ने राजस्व विभाग के साथ मिलकर सर्वे शुरू कर दिया है। सर्वे में एक सीमा निर्धारित होगी और कॉरिडोर जंगल व खेती की भूमि को अलग करेगा।
इसका मकसद यह है कि यदि अमानगढ़ से वन्य जीव बाहर आएंगे तो किसानों और वनकर्मियों को इसका पता चल जाएगा। वन विभाग उन्हें वापस ले जाने के वन विभाग इंतजाम शुरू कर देगा। अमानगढ़ वन रेंज वन्य जीव बाहुल्य क्षेत्र है। हर माह अमानगढ़ वन रेंज से वन्य जीव आबादी में पहुंच रहे हैं। किसानों ने भी वन विभाग के बिजनौर और अमानगढ़ कार्यालय पर धरना देकर 500 मीटर चौड़ा कॉरिडोर बनाने की मांग उठाई थी। अब इस मांग पर वन विभाग अधिकारियों ने काम शुरू कर दिया है। (संवाद)
वन्य जीवों की सीसीटीवी कैमरे से होगी निगरानी
जीरो कॉरिडोर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। यदि वन्यजीव जंगल से बाहर आएंगे कैमरों से पता चल जाएगा और वन विभाग अधिकारी उन्हें वापस जंगल भेजने का प्रयास करेंगे। इसके अलावा कर्मचारियों की तैनाती भी की जाएगी।
अमानगढ़ वन रेंज की सीमा पर इस समय जंगल और खेती की जमीन मिली हुई है। सर्वे कराया जा रहा है। इस सर्वे के बाद इस कॉरिडोर के बनने की जगह निर्धारित हो जाएगी।
- डॉ. अनिल पटेल, डीएफओ बिजनौर
अमानगढ़ रेंज में वन्य जीव
जीव संख्या
बाघ 27
गुलदार 80
हाथी 102
भालू 11
काकड़ 93
(पिछली गणना के आंकड़ों के अनुसार)