फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नवजात शिशु के लिए मां का दूध होता है संपूर्ण आहार

विज्ञापन
विज्ञापन
नवजात शिशु के लिए मां का दूध होता है संपूर्ण आहार
विज्ञापन

बिजनौर। मां का दूध बच्चे के लिए संपूर्ण आहार होता है। इससे शिशु और मां दोनों ही स्वस्थ रहते हैं। इसलिए हर महिला को अपने बच्चे को स्तनपान कराना चाहिए, जिससे बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर बनी रहे और उसे भविष्य में किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो।
हर साल एक से सात अगस्त तक स्तनपान जागरूकता सप्ताह मनाया जाता है। इसका उद्देश्य महिलाओं को स्तनपान एवं कार्य को दृढ़तापूर्वक एक साथ करने का समर्थन देता है। साथ ही इसका यह भी मकसद है कि कामकाजी महिलाओं को उनके स्तनपान संबंधी अधिकार के प्रति जागरूकता प्रदान करना और कार्यालयों में भी इस प्रकार का माहौल बनाना कि स्तनपान कराने वाली महिलाओं को किसी भी प्रकार की असुविधा ना हो। जिला महिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विभु शर्मा ने बताया कि नवजात शिशु के लिए पीला गाढ़ा चिपचिपा युक्त मां का के स्तन का दूध (कोलेस्ट्रम) संपूर्ण आहार होता है, जिसे बच्चे के जन्म के तुरंत बाद आधा घंटे के भीतर ही शुरू कर देना चाहिए। सामान्यत: बच्चे को छह महीने की अवस्था तक स्तनपान कराने की सलाह दी जाती है। शिशु को छह महीने की अवस्था और दो वर्ष अथवा उससे अधिक समय तक स्तनपान कराने के साथ-साथ पौष्टिक पूरक आहार भी देना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि स्तन में दूध पैदा होना एक नैसर्गिक प्रक्रिया है। जब तक बच्चा दूध पीता है, तब तक स्तन में दूध पैदा होता है एवं बच्चे के दूध पीना छोड़ने के पश्चात कुछ समय बाद अपने आप ही स्तन से दूध बनना बंद हो जाता है। उन्होंने बताया कि आमतौर पर महिलाएं परंपराओं को निभाने के चक्कर में बच्चा पैदा होने के बाद नवजात शिशु को दूध पिलाने में काफी देरी करती हैं, लेकिन ऐसा करना बिल्कुल गलत है। साथ ही कुछ लोग बच्चों को शुरू से ही बच्चे के हाथ में निप्पल वाली दूध की शीशी थमा देते हैं। इससे बच्चे को संपूर्ण आहार नहीं मिल पाता और उसे तमाम तरह की परेशानियां होने लगती हैं। शुरुआत छह माह में तो बच्चे मां के दूध के अलावा पानी की भी जरूरत नहीं होती। इसके बाद कटोरी और चम्मच से बच्चे को दूध पिलाना चाहिए।
स्तनपान से होने वाले फायदे
1. अच्छा और संपूर्ण आहार होता है मां का दूध।
2. दूध में पाया जाने वाला कोलेस्ट्रम शिशु को प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करता है।
3. शिशु को रोगों से बचाता है।
4. शिशु की वृद्धि अच्छे से होती है।
5. स्तनपान कराने से मां और शिशु दोनों को फायदा होता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें