बिजनौर। ग्रामीण अंचलों में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में गन्ना विभाग सराहनीय पहल कर रहा है। गन्ना विभाग 100 से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को गन्ने की पौध तैयार करने की जिम्मेदारी देने जा रहा है। जिले की महिलाएं गन्ने की पौध तैयार कर स्वावलंबी बनेंगी।
गन्ना विभाग के अधिकारियों के अनुसार इन समूहों को गुणवत्ता पूर्ण पौध उत्पादन के लिए तकनीकी मार्गदर्शन और आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। योजना के तहत पौध की लागत का आधा भाग किसान और आधा गन्ना विभाग प्रदान कराएगा।
इससे न केवल किसानों को उच्च गुणवत्ता की पौध उपलब्ध होगी, बल्कि समूह की महिलाओं को आय का स्थायी स्रोत भी मिलेगा। इस योजना से एक हजार से अधिक महिलाएं सीधे तौर पर रोजगार पाएंगी। महिलाओं द्वारा तैयार की गई पौध किसानों को स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध कराई जाएगी।
महिला सशक्तिकरण को बल मिलेगा, वहीं दूसरी ओर गन्ने की उत्पादकता में भी बढ़ोतरी होगी। विभाग चीनी मिलों के सहयोग से इस कार्य कर रहा है। चीनी मिलें भी अपने क्षेत्र के समूहों का मार्गदर्शन व सहायता करेंगी।