कालागढ़। कार्बेट टाइगर रिजर्व में वन्यजीव संरक्षण परियोजना की शुरूआत मंगलवार से की गई। वन्यजीवों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए हाईटेक मशीन लगाई गई।
2025 का वर्ष कार्बेट टाइगर रिजर्व के लिए खास तोहफा दे रहा है। फुजीफिल्म इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की कारपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व पहल के अंतर्गत अनवरत फाउंडेशन के सहयोग से की गई। इस मौके पर बिजनेस सलाहकार कोहेई नोमोटो ने वन्यजीवों के स्वास्थ्य प्रबंधन में उन्नत डायग्नोस्टिक तकनीकों की उपयोगिता और उनके दीर्घकालिक प्रभावों को बताया।
इस दौरान उपनिदेशक राहुल मिश्रा (आईएफएस), कालागढ़ के उप प्रभागीय वनाधिकारी अमित कुमार ग्वासाकोटि, पार्क वार्डन बिंदरपाल वन अधिकारी व अनवरत फाउंडेशन के मानस मोहन, धर्म प्रकाश शुक्ला, फुजीफिल्म इंडिया से अभिशेखर सिंह, कनुप्रिया बलोनी, भारत गुप्ता आदि मौजूद रहे। ड्राई केमिस्ट्री एनालाइज़र एनएक्स 600 वी मशीन मिली : कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डा.साकेत बड़ोला ने कहा कि ड्राई केमिस्ट्री एनालाइज़र एनएक्स 600 वी मशीन से वन्यजीव स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक तकनीक से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह मशीन ढेला के रेस्क्यू सेंटर में लगाई जाएगी। टाइगर रिजर्व के चिकित्साधिकारी डाॅ. दुष्यंत शर्मा ने कहा कि इस मशीन के कार्बेट में आने पर घायल, बीमार व रेस्क्यू किए गए वन्यजीवों के स्वास्थ्य परीक्षण में तेजी, सटीकता व वैज्ञानिक गुणवत्ता मिल सकेगी।
करवरघट्टी मार्ग को खोलने के निर्देश : कार्बेट टाइगर रिजर्व के उप निदेशक राहुल मिश्रा ने वनों में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के दौरान वन चौकियों की स्थिति देखी व करवरघट्टी मार्ग को खोलने के निर्देश दिए।
उपनिदेशक ने कालागढ व बिजरानी उपखंड की सघन वन चौकियों व गश्त के आंतरिक मार्गों का निरीक्षण करते हुए जमनाग्वाड़ करवरघट्टी मार्ग की समस्याओं को जाना। बंद पड़े करवरघट्टी मार्ग को विभागीय गश्त के लिए खोलने के निर्देश मौजूद अधिकारियों को दिए। सुरक्षा को लेकर किए गए अलर्ट के आदेशों का सख्ती से पालन करने को कहा। कालागढ़ के उप प्रभागीय वनाधिकारी अमित ग्वासाकोटि, वनक्षेत्राधिकारी एनके रूवाली, संजय पांडे आदि मौजूद रहे। उप निदेशक राहुल मिश्रा ने बताया कि झिरना से जमनाग्वाड़, ढिकाला, सर्पदूली तक के क्षेत्र का निरीक्षण किया। क्षेत्र में बाघ, हाथी जैसे जीव सक्रिय हैं। गौरतलब है कि कार्बेट टाइगर रिजर्व की कालागढ, झिरना, बिजरानी व सर्पदूली रेंज को जोड़ने में जमनाग्वाड़ व करवरघट्टी मार्ग की खास भूमिका है। लगभग एक वर्ष से अधिक समय से यह मार्ग बरसात में खराब होने की वजह से खराब है। गया था।