बिजनौर। सदर तहसील में तैनात लेखपाल रविंद्र भारद्वाज को एंटी करप्शन की टीम ने पांच हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। टीम ने शहर कोतवाली में जीरो एफआईआर दर्ज कराने के बाद लेखपाल को बिजनौर पुलिस को सौंप दिया।
बिजनौर के गांव ननूपूरा निवासी किसान धर्मेंद्र सिंह ने 19 दिसंबर को मुरादाबाद स्थित भ्रष्टाचार निवारण संगठन के थाने में पहुंचकर शिकायत की थी। 20 दिसंबर को एंटी करप्शन की टीम ने बिजनौर पहुंचकर मामले की पड़ताल की। टीम ने शिकायत को सही पाया। सोमवार की सुबह एंटी करप्शन की टीम का गठन हुआ और बिजनौर में कार्रवाई के लिए रूपरेखा तैयार की गई। मंगलवार को बिजनौर पहुंचकर एंटी करप्शन की टीम ने सदर तहसील में जाल बिछा दिया। किसान धर्मेंद्र सिंह ने जैसे ही लेखपाल रावेंद्र उर्फ रविंद्र कुमार भारद्वाज को पांच हजार रुपए दिए तभी टीम ने लेखपाल को दबोच लिया।
खसरा खतौनी में नाम ठीक करने के लिए मांगी थी रिश्वत : किसान धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि उनके पिता ने जमीन खरीदी थी, बैनामा कराते वक्त नाम धर्मेंद्र कुमार और उम्र 16 वर्ष लिखवा दी थी। किसान ने बताया कि अब मेरी उम्र 43 साल हो चुकी है लेकिन खसरा खतौनी में उम्र 16 साल ही दर्ज है। नाम धर्मेंद्र कुमार लिखा हुआ है जबकि आधार कार्ड और अन्य कागजों में नाम धर्मेंद्र सिंह है। नाम और उम्र ठीक करने के लिए एक महीना पहले एसडीएम के यहां शिकायती पत्र दिया था। उक्त प्रार्थना पत्र लेखपाल के पास पहुंचा तो उसने बुलाकर 10 हजार रुपए की डिमांड की थी। बताया कि अपना नाम ठीक करने के लिए पिछले एक साल से तहसील के चक्कर काट रहे हैं। उनसे पहले उनके पिता ने भी कई बार नाम ठीक करने का प्रयास किया था लेकिन हो नहीं पाया।
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