छाछरी टीप के बृहद गौ संरक्षण केंद्र पर चिलचिलाती भीषण गर्मी में खुले आसमान के नीचे सूखा चारा खा
हीमपुर दीपा/ छाछरी मोड़। गोवंश का संरक्षण सीएम योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल है। प्रदेश सरकार इसके लिए भारी भरकम बजट भी मुहैया करा रही है। मगर अफसरों की उदासीनता के चलते धरातल पर गोवंश संरक्षण की तस्वीर धुंधली ही नजर आ रही है। हालात बयां करने के लिए छाछरी टीप की गोशाला का नजारा ही काफी है।
शनिवार को अमर उजाला टीम ने गांव छाछरी टीप स्थित जंगल में करीब 12 बजे वृहद गो-संरक्षण केंद्र की पड़ताल की। यहां पर 413 गोवंश संरक्षित बताए गए, जिनमें एक गोवंश ने शनिवार को दम तोड़ दिया। पशुधन प्रसार अधिकारी बलराम सिंह ने बताया कि उक्त गोवंश की मौत बीमारी के कारण हुई है। ग्रामीण बताते हैं कि उक्त संरक्षण केंद्र पर मानक के अनुरूप चारे के अभाव में आए दिन गोवंश तड़प तड़प कर दम तोड़ रहे हैं। गोवंश पर्याप्त टिन शेड के अभाव में 40 डिग्री सेल्सियस की चिलचिलाती धूप एवं भीषण गर्मी से बुरी तरह त्रस्त खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। यहां पर मात्र चार टिन शेड हैं, जो नाकाफी हैं। बिजली की व्यवस्था भी नाकाफी है।
एसडीएम के मुआयने में भी खुली पोल : एसडीम सदर रितु रानी के शनिवार को गो संरक्षण केंद्र के निरीक्षण के आने की भनक लगने पर आनन-फानन में बिना मशीन में काटे ही अध सूखा चारा डाल दिया गया, जिसे गोवंश चिलचिलाती धूप में खाते दिखाई दिए। कई गोवंश की हालत चारा खाये बिना मरणासन्न जैसी स्थिति में दिखाई दी।
फाई व्यवस्था में खानापूर्ति : जगह-जगह मृत गोवंश की हड्डियां पड़ी मिली। वहीं मृत गोवंश को दफन करने के लिए दो गड्ढे खोदे गए हैं। जिनमें एक गड्ढे में मिट्टी से ढ़के मृत गोवंश से तेज बदबू आ रही थी। जबकि दूसरा गड्ढा खाली था। इससे यही प्रतीत होता है कि यहां गोवंश आए दिन दम तोड़ रहे हैं। जिनके दफन के लिए गड्ढा पूर्व में ही खोद दिया गया।
छाछरी टीप के बृहद गौ संरक्षण केंद्र पर चिलचिलाती भीषण गर्मी में खुले आसमान के नीचे सूखा चारा खा