मेरठ-पौड़ी नेशनल हाईवे पर बडे वाहन न चलने के कारण बिजनौर में बैराज से पैदल आती महिलाएं। संवाद
बिजनौर। भले ही मेरठ-पौड़ी हाईवे से पानी उतर गया है। लेकिन, बैराज पुल शुरू नहीं होने से राहगीरों की मुश्किलें कम नहीं हुई। पुल का एक स्लैब क्षतिग्रस्त है। जिससे वाहनों के आवगमन को हरी झंडी नहीं दी गई है। सिर्फ दो पहिया वाहन ही पुल से निकाले गए। इससे राहगीरों को मंजिल तक पहुंचने के लिए 11 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा।
रविवार को भी बिजनौर बैराज पुल से वाहनों को गुजरने नहीं दिया गया। मेरठ, मुजफ्फरनगर से आने वाले राहगीर पुल के दूसरी तरफ से उतर गए। किसी ने अपने घर फोन कर बाइक बुलाई तो कोई पैदल ही अपनी मंजिल की ओर चल दिया। कोई वाहन नहीं मिलने से बैराज से बिजनौर तक राहगीरों ने पैदल सफर किया। बच्चे, महिलाएं 11 किलोमीटर पैदल चलकर अपनी मंजिल तक पहुंचे।
दरअसल, बैराज के गेट नंबर 20 और 21 के बीच स्लैब एक्सपांशन ज्वाइंट में गैप आया तो पुल में खराबी पर नजर पड़ी। स्लैब के एक्सपांशन ज्वाइंट में एक सिरे पर 65 मिलीमीटर का गैप है। जबकि, दूसरे सिरे पर पांच मिलीमीटर का गैप है। स्लैब के एक्सपांशन ज्वाइंट में कम से कम 40 मिलीमीटर का गैप होना जरुरी होता है।
मेरठ-पौड़ी नेशनल हाईवे पर बडे वाहन न चलने के कारण बिजनौर में बैराज से पैदल आती महिलाएं। संवाद