बिजनौर। अमेरिका, इस्राइल-ईरान युद्ध का असर साफ दिखाई देने लगा है। युद्ध की वजह से अमेरिका जाने वाले काष्ठकला उत्पाद भेजने महंगे हो गए हैं। इसका कारण समुद्री मार्ग की दूरी बढ़ना है। दूरी बढ़ने से प्रति किलोग्राम बॉक्स की कीमत दोगुनी हो गई है। इसका प्रभाव उद्यमियों पर पड़ रहा है।
युद्ध शुरू होने से पहले नगीना के काष्ठकला उत्पाद दुबई से जर्मनी होते हुए अमेरिका भेजे जा रहे थे। अब कंटेनर जाने का रास्ता बदल गया है। अब कंटेनर दुबई पोर्ट पर न जाकर सीधे किसी दूसरे रास्ते से जर्मनी और फिर अमेरिका जा रहा है। इससे दूरी बढ़ी है। पहले कंटेनर अमेरिका तीन से चार दिन में पहुंच रहा था। अब 10 से 12 दिन में पहुंच रहा है। इसी वजह से प्रति किलो बॉक्स की कीमत 1500 रुपये से बढ़कर 3000 रुपये हो गई है। काष्ठकला कारोबारी मोहम्मद नवाज ने बताया कि इज्राइल- ईरान युद्ध की वजह से काष्ठकला उत्पाद पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है। उत्पाद दोगुनी कीमत में अमेरिका भेजा जा रहा है। साथ ही विदेशी ग्राहकों ने ऑर्डर रोक दिए हैं।
कोयले की कीमतों में 15 प्रतिशत की वृद्धि
बिजनौर में यूनाइटेड स्टेट से कोयला आता है। युद्ध की वजह से कोयले की दामों में भी बढ़ोतरी हुई है। कोयला गुजरात के मुंद्रा पोर्ट से बिजनौर आता है। पहले प्रति टन कोयले की कीमत 13500 रुपये थे। अब प्रति टन कोयले की कीमत बढ़कर 16000 रुपये हो गई है। इसका प्रभाव आम आदमियों पर भी पड़ेगा।
ईंट महंगी होने की संभावना
ईंट भट्ठों पर कोयले से भी ईंट को पकाया जाता है। कोयला महंगा होने से लागत बढ़ेगी। इससे ईंट की कीमतों में बढ़ोतरी होने की भी संभावना है। जैन ब्रिक्स इंटरप्राइजेज के स्वामी आशीष जैन ने कह कि पिछले तीन सालों से ईंट की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं हुई है। कोयले के दाम 15 प्रतिशत बढ़े हैं। इसकी वजह से ईंट महंगी हो सकती है।
कमर्शियल सिलिंडर नहीं मिलने की बढ़ने लगी समस्या
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष एवं गैस एजेंसी स्वामी मनोज कुच्छल ने बताया कि तेल कंपनियों को गैस के लिए चार दिन पहले इंडेंट भेजा गया है लेकिन अभी तक कंपनी की ओर से बिलिंग नहीं की गई है। ऐसे में जिले में कॉमर्शियल सिलिंडर की कमी होने लगी है। जिले में रोजाना करीब 1000 कॉमर्शियल सिलिंडर की खपत है। कंपनियों ने ऑफिशियल रूप से गैस देने के लिए मना नहीं किया है। मगर, बिलिंग नहीं कर रहे हैं। इससे गैस उपलब्ध नहीं हो रही है।