नगीना । इजराइल, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का ग्रहण नगीना के काष्ठकला उद्योग भी लग गया है। युद्ध होने से करीब दो करोड़ रुपये के ऑर्डर बंदरगाह पर फंसे पड़े हैं जबकि, इतनी ही कीमत के ऑर्डर गोदाम पर रुके हुए हैं। पहले अमेरिका के टैरिफ और अब युद्ध की वजह से नगीना का काष्ठकला उद्योग डगमगाया हुआ है।
काष्ठकला उद्यमी पिछले एक साल से अमेरिका टैरिफ की मार झेल रहे हैं। यहां के हैंडीक्राफ्ट कारोबारियों को डर सता रहा है कि यदि इन देशों के बीच जंग लंबी चली तो इसका सीधा असर यहां के निर्यात पर पड़ेगा। इसकी वजह से काष्ठकला उद्यमियों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। करीब एक सप्ताह से छिड़ी जंग ने यहां के हैंडीक्राफ्ट कारोबार की गति को पूरी तरह रोक दिया है। अमेरिका जाने वाले तमाम ऑर्डर कारोबारियों के गोदाम में रखे हैं। जबकि, भारी मात्रा में विदेश गए ऑर्डर रास्ते में बंदरगाह पर अटके हुए है। वहीं, विदेशों से नए ऑर्डर आने बिल्कुल बंद हो गए हैं। 400 करोड़ रुपये से अधिक का सालाना निर्यात कारोबार करने वाला हैंडीक्राफ्ट उद्योग दुनिया भर में तनावपूर्ण स्थिति होते ही डगमगाने लगता है।
नगीना हैंडीक्राफ्ट डेवलपमेंट सोसाइटी के अध्यक्ष इरशाद अली मुल्तानी का कहना है कि मुख्य तौर पर तीन देशों के बीच हो रहे युद्ध ने हैंडीक्राफ्ट उद्योग की पूरी तरह कमर तोड़ दी है। जब तक दुनिया भर में शांति नहीं होगी, यहां के उद्योग को गति प्राप्त नहीं हो सकती।
हैंडीक्राफ्ट कारोबारी इश्तियाक अहमद ने बताया कि इजराइल, अमेरिका व ईरान युद्ध के चलते हैंडीक्राफ्ट के काफी ऑर्डर गोदाम व बंदरगाह पर अटके हुए हैं। इस युद्ध के चलते नए ऑर्डर आने बिल्कुल बंद हो गए हैं।
हैंडीक्राफ्ट कारोबारी मोहम्मद नवाज का कहना है कि तीन देशों के बीच छिड़ी युद्ध से सप्लाई के लिए आने वाले कंटेनर दुबई पोर्ट ही रुके हुए हैं। अमेरिका में जाने वाले अधिकतर ऑर्डर दुबई होकर जाते हैं। 60 से 70 लाख रुपये का माल रास्ते में बंदरगाह पर फंसा पड़ा है।
हैंडीक्राफ्ट का कारोबार करने वाले आसिम मुल्तानी ने कहा कि इजराइल, अमेरिका व ईरान युद्ध के चलते हैंडीक्राफ्ट उद्योग पूरी तरह प्रभावित हुआ है। विश्व भर में शांति स्थापित हो तभी यहां के उद्योग को रफ्तार मिलेगी।