यहां भर्ती तीन मरीजों ने फोन पर बताया कि टॉयलेट की सफाई नहीं होती। वे खुद ही पानी डालकर सफाई करते हैं। रोजाना सुबह को 20 मरीजों के लिए मात्र एक लीटर चाय आती है। प्रत्येक मरीज को बिस्कुट के दो-दो पैकेट दिए जाते हैं। इसके बाद दोपहर में करीब दो बजे खाना आता है। खाने में दाल-सब्जी की क्वालिटी बढ़िया नहीं होती है। फिर शाम को चार से पांच बजे के बीच ही रात का खाना आ जाता है। इसके बाद और पहले कुछ नहीं मिलता। उन्होंने बताया कि किसी की कोई जांच नहीं होती। दोपहर में खाने के साथ दवाई के नाम पर प्रत्येक मरीज को एक पुड़िया दी जाती हैं। इसमें विटामिन बी कॉम्लेक्स की एक, विटामिन सी की भी एक और एक ही टेबलेट एसीलौक या इससे मिलती जुलती गोली होती है। दवा के नाम पर बाकी कुछ नहीं दिया जाता।
व्यवस्थाएं परखने को ही रोजाना लेते हैं दो राउंड
सीएमओ डॉ. विजय कुमार यादव ने बताया कि सभी आरोप निराधार हैं। वे कोविड केयर सेंटर की व्यवस्थाएं परखने के लिए प्रतिदिन दो बार एल-1 अटैच फैसिलिटीयुक्त कोविड केयर सेंटर जाते हैं। प्रतिदिन हर मरीज को चार बार खाने पीने का सामान दिया जाता है। शुरुआत में ही मरीज को जरूरी सामान की किट दी जाती है, इसमें नहाने और कपड़े धोने का साबुन, तेल की शीशी, मंजन, ब्रश आदि सामान होता है। उन्होंने बताया कि शासन से 100 रुपये प्रति मरीज के हिसाब से डाइट आती है। इसी के अनुरूप हर मरीज को गुणवत्तायुक्त सुबह का चाय-नाश्ता, दोपहर का खाना (दाल, चावल, दस रोटी), शाम को चाय नाश्ता और फिर इसके बाद रात का खाना दिया जाता है। इसके अलावा रोजाना वार्डों और टॉयलेट, बाथरूम आदि की साफ सफाई होती है और बेड की चादरें भी रोजाना ही बदली जाती हैं।
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