नगीना। नगीना की राजनीति की दिग्गज नेता व पूर्व मंत्री ओमवती देवी का शुक्रवार दोपहर बिजनौर के एक निजी अस्पताल में हृदय गति रुकने से निधन हो गया। वह करीब 76 वर्ष की थीं।
1985 में पहली बार कांग्रेस के टिकट पर नगीना विधानसभा सीट से विधायक बनने वाली ओमवती देवी ने इसके बाद राजनीति में पीछे मुड़कर नहीं देखा। अपने पति व सेवानिवृत्त आईएएस आरके सिंह की सूझबूझ भरी रणनीति के चलते वह नगीना विधानसभा से चार बार विधायक चुनी गईं। 1985 के बाद 1996 व 2002 में सपा के टिकट पर व 2007 में वह बसपा के टिकट पर विधायक बनीं।
1998 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने उन्हें विधायक रहते हुए लोकसभा का चुनाव लड़ाया तो उन्होंने सांसद बनकर क्षेत्र में अपने बड़े नेता होने का संदेश दिया था। 2007 में बसपा सरकार के दौरान उन्हें प्रदेश सरकार में स्वतंत्र प्रभार मंत्री बनाया गया था। 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा से भी किस्मत आजमाई थी हालांकि उन्हें सफलता हासिल नहीं हुई थी।
कांग्रेस से पहली बार विधायक बनने वाली ओमवती बाद में कांग्रेस छोड़कर सपा, बसपा व भाजपा में रहने के बाद वह पुनः कांग्रेस में शामिल हो गईं थीं। 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर नगीना सीट पर चुनाव भी लड़ा था। उनकी पुत्रवधू हैनरीता राजीव सिंह कांग्रेस की जिलाध्यक्ष हैं।
उनके निधन पर विधायक नजीबाबाद तस्लीम अहमद, चेयरमैन संघ के जिलाध्यक्ष शेख शाहनवाज खलील, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता काजी अरशद मसूद, शेख मोहम्मद अंजार आदि ने शोक जताया।