वार्षिक निकाय की सभा में जमकर हंगामा
धामपुर। सहकारी गन्ना किसान समिति की साधारण सभा वार्षिक निकाय की बैठक में सदस्यों ने आरोप लगाया कि 14 दिन में गन्ने का मूल्य भुगतान नहीं दिलाया जा रहा है। निर्धारित अवधि में भुगतान न मिलने पर हाईकोर्ट के ब्याज के साथ भुगतान कराने का आदेश है लेकिन विभाग के अफसरों, चीनी मिल मालिकों और सरकार की मिलीभगत से उनका शोषण किया जा रहा है। इस मौके पर समिति का आय व्यय का ब्यौरा पढ़ कर सुनाया गया और पास कर दिया गया। आगामी वर्ष 2020-21 का बजट पेश किया गया। जिसे सर्वसम्मति से पास किया गया।
सहकारी गन्ना किसान समिति परिसर में वार्षिक सामान्य निकाय की बैठक में किसानों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र के करीब आधा दर्जन से अधिक खाद गोदाम बंद पड़े हैं। बार-बार आग्रह करने के बाद भी उन्हें चालू नहीं किया जा रहा। समिति के सचिव मनोज कुमार ने कहा कि कुछ गोदामों की मरम्मत का कार्य चल रहा है और कुछ को शीघ्र चालू कराया जाएगा। किसानों ने आरोप लगाया कि पैड़ी गन्ने की पर्ची गन्ना समिति द्वारा उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। पर्चियों को ओवरलोड में काटकर किसानों का उत्पीड़न किया जा रहा है। गन्ना समिति के सचिव ने कहा कि पर्चियां सिस्टम से निर्गत हो रही हैं। सभापति कुशल पाल सिंह की अध्यक्षता और सचिव मनोज कुमार के संचालन में हुई सभा में ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक अमित पांडे सहित सभी संचालक और सदस्य मौजूद रहे। इस मौके पर एससीडीआई ने गन्ना विभाग की चल रही योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।