उपचारात्मक शिक्षा में हर कक्षा का विषयवार स्पेशल टाइम टेबल बनाया गया है। जिले में 35 राजकीय इंटर/ हाईस्कूल कॉलेज है। जिनमें कक्षा नौ से 12 तक करीब 15000 छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं।
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डीआईओएस कार्यालय के अनुसार उपचारात्मक शिक्षा का आंकलन करने और विद्यार्थियों का ज्ञान स्तर मापने के लिए तीन टेस्ट की व्यवस्था है। बोर्ड परीक्षा सहप्रभारी अननंशु माहेश्वरी के अनुसार प्री टेस्ट हो गया है। विद्यार्थियों की जो कमी सामने आई है, उन्हें दूर किया जा रहा है। मिड टेस्ट 15 दिसंबर से पहले होगा। इसके बाद तीसरा व फाइनल टेस्ट होगा। डीआईओएस रामाज्ञा कुमार उपचारात्मक शिक्षा की प्रगति की लगातार समीक्षा कर रहे हैं।