फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: कोरोना का पढ़ाई पर दुष्प्रभाव, शासन ने तलब की रिपोर्ट, इस योजना से लाभान्वित हो रहे 15000 विद्यार्थी

Fri, 02 Dec 2022 01:49 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, बिजनौर

सार

Bijnor News : कोरोना का पढ़ाई पर दो साल तक दुष्प्रभाव रहा। अब शासन ने रिपोर्ट तलब की है। वहीं शासन की इस योजना से जिले के 15000 विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं।
विज्ञापन
फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शासन ने पढ़ाई लिखाई में कमजोर विद्यार्थियों के लिए उपचारात्मक शिक्षा व्यवस्था शुरू की है। योजना राजकीय इंटर कॉलेजों में कक्षा नौ से 12 तक लागू हुई है। हर कक्षा का विषयवार स्पेशल टाइम टेबल बनाकर पढ़ाया जा रहा है। योजना में बिजनौर जिले के करीब 15000 छात्र-छात्राएं लाभान्वित हो रहे हैं।

विज्ञापन


करीब दो साल तक कोरोना का असर रहा। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई-लिखाई प्रभावित हुई। शासन ने कोरोना से पढ़ाई पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव की रिपोर्ट तलब की। इसके बाद पढ़ाई-लिखाई में पिछड़े विद्यार्थियों को अपग्रेड करने के लिए उपचारात्मक शिक्षा शुरू की गई है।

उपचारात्मक शिक्षा की शुरुआत राजकीय इंटर कॉलेजों से की गई है। योजना में कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों को शामिल किया गया है। शासन से इन विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए माड्यूल जारी किया है। शिक्षकों को माड्यूल के अनुसार पढ़ाना है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: UP: हाजी इकबाल के काले राज, बेटों समेत पांच पर फिर दर्ज हुआ मुदकमा, पीड़ित ने बयां किया दर्द

Trending Videos
विज्ञापन

उपचारात्मक शिक्षा में हर कक्षा का विषयवार स्पेशल टाइम टेबल बनाया गया है। जिले में 35 राजकीय इंटर/ हाईस्कूल कॉलेज है। जिनमें कक्षा नौ से 12 तक करीब 15000 छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं।  

यह भी पढ़ें: UP: दरोगा समेत पांच लोगों पर महिला अधिवक्ता से थाने में सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप, अफसरों में मची खलबली

डीआईओएस कार्यालय के अनुसार उपचारात्मक शिक्षा का आंकलन करने और विद्यार्थियों का ज्ञान स्तर मापने के लिए तीन टेस्ट की व्यवस्था है। बोर्ड परीक्षा सहप्रभारी अननंशु माहेश्वरी के अनुसार प्री टेस्ट हो गया है। विद्यार्थियों की जो कमी सामने आई है, उन्हें दूर किया जा रहा है। मिड टेस्ट 15 दिसंबर से पहले होगा। इसके बाद तीसरा व फाइनल टेस्ट होगा। डीआईओएस रामाज्ञा कुमार उपचारात्मक शिक्षा की प्रगति की लगातार समीक्षा कर रहे हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें