गांवों के लिए एडवाइजरी जारी
क्या करें
- खेतों में दा या उससे अधिक के समूह में जाएं
- गन्ना काटने से पहले वहां हाका करें, ताकि वन्य जीव दूसरी जगह पर चला जाए
- खेत पर काम करते समय मोबाइल या रेडियो पर तेज ध्वनि वाले गाने चलाएं
- काम करते समय एक व्यक्ति को निगरानी के लिए लगाएं
- खेतों में काम करते समय सिर पर हेलमेट या नकपैड पहनें
- अधिक रात में खेतों पर न जाएं, खेतों की निगरानी मचान से ही करें
- वन्य जीव दिखने पर वन अधिकारियों को तुरंत सूचना दें
यह न करने की दी गई सलाह
- खेतों पर अकेले न जाएं
- जंगल में छोटे बच्चों को अकेले न भेजें
- गन्ने की कटाई बैठकर या झुककर न करें
- रात में खेतों की रखवाली करते समय भूमि पर या चारपाई पर न सोएं
- वन्य जीव दिखने पर उसे न छेड़े और उसके रास्ते में न आएं
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ये गांव संवेदनशील सूची में शामिल
अमानगढ़ से सटे गांव : देवानंदपुर गढ़ी, रेहड़, नवाबाद जंगल, केहरीपुर जंगल, किरतपुर, रानीनांगल, फतेहपुर धारा, कल्लूवाला, लालबाग, मलौनी, मीरापुर उत्तरी।
नगीना रेंज से सटे गांव : भिक्कावाला, बनियोंवाला, इस्लामनगर, मुरलीवाला, जामुनवाला, लड्डूवाला, खैरीखत्ता, जमनपुर, रसूलपुर, रसूलाबाद, प्रेमपुरी।
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दिसंबर बाघ सुरक्षा माह के रूप में मनाया जा रहा है। 22 संवेदनशील गांवों की सूची तैयार की गई है। यहां पर संबंधित रेंज के अधिकारियों व कर्मचारियों के नंबर जारी किए गए हैं, जो ग्रामीणों को बताए जा रहे हैं। इसके अलावा ग्रामीणों को वन्य जीवों के व्यवहार आदि की जानकारी भी दी जा रही है। ताकि मानव-वन्य जीवों के बीच संघर्ष रोका जा सके।
- ज्ञान सिंह, एसडीओ वन विभाग