-मेडिकल अस्पताल में लग रहे फायर सिस्टम का काम नहीं हुआ पूरा
-आधुनिक फायर सिस्टम का दावा सिर्फ कागजी, धरातल पर सब चौपट
-85 प्रतिशत फायर सिस्टम का काम मेडिकल अस्पताल में हुआ
-730 स्मोक सेंसर मेडिकल अस्पताल में लगाए गए
-450 मीटर लंबी है अस्पताल में पानी की पाइपलाइन
-60 सिलेंडर आग बुझाने के मेडिकल अस्पताल में लगे हुए हैं
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। गर्मी बढ़ने से लगातार आग लगने की घटना सामने आ रही हैं। ऐसे में मेडिकल अस्पताल में आग बुझाने के लिए लगा फायर सिस्टम अभी तक चालू नहीं हुआ है। अस्पताल में 209 लाख रुपये की लागत से फायर सिस्टम मजबूत किया जा रहा है। वहीं करीब दो साल होने के बावजूद अभी तक मॉकड्रील भी नहीं हुई।
मेडिकल अस्पताल में आग बुझाने के लिए व्यवस्था बेहतर की जा रही है। आधुनिक फायर सिस्टम लगाया जा रहा है ताकि समय रहते स्थिति को काबू किया जा सके। गर्मी में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की संभावना अधिक है। हालांकि 209 लाख रुपये की लागत से मजबूत किए जा रहे फायर सिस्टम का काम अभी तक पूरा नहीं हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल में स्मोक सेंसर, पानी की पाइपलाइन सहित अन्य संकेतक बोर्ड लगा दिए गए हैं।
अस्पताल में फायर सिस्टम का काम पैकसेड कंपनी कर रही है। कंपनी के जेई आशीष शर्मा का कहना है कि 85 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। लाइट के कनेक्शन के लिए अप्लाई कर दिया गया है। कनेक्शन मिलते ही मॉकड्रील की जाएगी।
730 स्मोक सेंसर अस्पताल में लगाए
मेडिकल अस्पताल में लग रहे आधुनिक फायर सिस्टम में 730 स्मोक सेंसर लगाए गए हैं। वहीं आग बुझाने के लिए 450 मीटर लंबी पानी की पाइप लाइन की व्यवस्था है। अस्पताल में आग लगने के बाद पाइप लाइन से पानी की बौछार की जाएगी।
अस्पताल में जगह-जगह लगे 60 सिलेंडर
मेडिकल अस्पताल में कई तरह के विभाग संचालित हो रहे हैं। वार्ड सहित सभी विभागों में करीब 60 सिलेंडर लगे हुए हैं। जरूरत पड़ने पर सिलेंडर से आग पर काबू पाने का प्रयास किया जाएगा।
वर्जन::
अस्पताल में फायर सिस्टम का काम रही कंपनी को तेजी से काम करने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पताल का सूचना तंत्र सक्रिय है। आग लगने के कुछ ही मिनट में अग्निशमन विभाग से संपर्क कर आग पर काबू पाया जा सकेगा। समस्या से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
-डॉ. मनोज सेन, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, बिजनौर