ऐसी है गांगेय डॉल्फिन
गांगेय डॉल्फिन विश्व की दुर्लभ प्रजाति है और यह गंगा, ब्रह्मपुत्र, मेघना और करनाफुल्ली नदी में पाई जाती है। इसका 80 प्रतिशत क्षेत्र भारत में पाया जाता है। नदी की सतह पर आकर सांस लेती है। सांस लेने के दौरान होने वाली ध्वनि के कारण इसे सूंस नाम दिया गया है। इनकी संख्या अब घटकर तीन हजार रह गई हैं।
वर्षवार डॉल्फिन गणना (बिजनौर से नरोरा तक )
वर्ष डॉल्फिन
2015 22
2016 30
2017 32
2018 33
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/