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‘मेरी गंगा मेरी सूंस’ अभियान के तहत डॉल्फिन की गणना शुरू, ब्रिटेन से आईं डॉ. गिल भी टीम में शामिल

Thu, 10 Oct 2019 01:42 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
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बालावाली घाट से शुरू हुई डॉल्फिन की गणना - फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर जनपद में ‘मेरी गंगा मेरी सूंस’ अभियान के तहत वर्ल्ड वाइल्ड फंड की टीम ने गंगा में डॉल्फिन की गणना शुरू कर दी है। डीएफओ डॉ. एम सेम्मारन ने वर्ल्ड वाइल्ड फंड की टीम की बोट को डॉल्फिन की गणना के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। टीम में ब्रिटेन से आईं डॉ. गिल ब्रोलिक भी शामिल हैं।

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अब गंगा बैराज से नरौरा तक 225 किलोमीटर की धारा में डॉल्फिन की गणना की जाती है। लेकिन इस बार गंगा बैराज से पीछे बालावाली घाट से डॉल्फिन की गिनती शुरू की गई है। डॉल्फिन गंगा की धारा के विपरीत तैरना पसंद करती हैं। पहाड़ों पर बारिश के समय गंगा बैराज के गेट खोले जाते हैं। माना जा रहा है कि इस दौरान कुछ डॉल्फिन पुल के दूसरी ओर जरूर गई होंगी। इन्हें भी चिह्नित करने के लिए बालावाली घाट से डॉल्फिन की गिनती शुरू की गई है। गणना में इस बार दो बोट लगाई गई हैं। ये बोट कुछ दूरी के अंतराल पर चल रही हैं। दोनों बोट पर सवार टीम के सदस्य 15 अक्तूबर तक डॉल्फिन की गिनती करेंगे।

इस तरह से की जाएगी गणना
जहां डॉल्फिन दिखेगी उस जगह को जीपीएस से चिह्नित किया जाएगा और गूगल मैप पर उनकी लोकेशन देखकर गिनती जाएगी। दूसरी बोट भी डॉल्फिन को देखकर स्थान को जीपीएस के चिह्नित करेगी। इस तरह बोट द्वारा जीपीएस से चिह्नित लोकेशन को मिलाया जाएगा। जीपीएस की लोकेशन अलग-अलग मिलने पर दोनों डॉल्फिन को अलग अलग माना जाएगा। वर्ल्ड वाइल्ड फंड के कोआर्डिनेटर मोहम्मद शाहनवाज खान के अनुसार डॉल्फिन की गिनती शुरू कर दी गई है। गणना पूरी होने के बाद ही डॉल्फिन की सही संख्या के बारे में पता चलेगा। इससे पहले डॉल्फिन की संख्या के बारे में जानकारी नहीं दी जाएगी।
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ऐसी है गांगेय डॉल्फिन
गांगेय डॉल्फिन विश्व की दुर्लभ प्रजाति है और यह गंगा, ब्रह्मपुत्र, मेघना और करनाफुल्ली नदी में पाई जाती है। इसका 80 प्रतिशत क्षेत्र भारत में पाया जाता है। नदी की सतह पर आकर सांस लेती है। सांस लेने के दौरान होने वाली ध्वनि के कारण इसे सूंस नाम दिया गया है। इनकी संख्या अब घटकर तीन हजार रह गई हैं। 

वर्षवार डॉल्फिन गणना (बिजनौर से नरोरा तक )
वर्ष  डॉल्फिन
2015  22
2016  30
2017  32
2018  33 

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