बिजनौर, शेरकोट। क्षेत्र के ग्राम पालकी एमन में बुखार से 18 वर्षीय छात्र की मंगलवार देर रात मेरठ के एक अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। दो दिन में दो की बुखार से मौत होने से लोगों में दहशत है। मृतक युवक के परिवार में कोहराम मचा है। गांव उमरपुर, पालकी एमन में बुखार ने लोगों को जकड़ रखा है।
ग्राम पालकी एमन निवासी नरेंद्र कुमार प्रजापति ने बताया कि उनके पूरे परिवार को बुखार आ रहा है। पुत्र मोहित (18) को भी बुखार आ रहा था। दो दिन दवाई करने के बाद मोहित को धामपुर में निजी अस्पताल में उपचार कराया। डाक्टरों ने बताया कि मोहित की प्लेटलेट्स कम हो गईं। चिकित्सक के परामर्श अनुसार उन्होंने पंडित मदन मोहन मालवीय चौक स्थित एक अस्पताल में उपचार कराया। उपचार के दौरान हालत चिंताजनक देखते हुए डाक्टरों ने मोहित को मेरठ रेफर कर दिया। जहां तीन दिन तक उपचार कराया।
बताया कि इस दौरान मोहित की हालत सुधरने के स्थान पर और बिगड़ गई। जिसके कारण मोहित की मंगलवार देर रात मेरठ में मौत हो गई। घटना से परिवार में कोहराम मचा है। मृतक मोहित अपनी चार बहनों का इकलौता भाई था। मोहित के दादा ओमप्रकाश भी धामपुर के एक चिकित्सालय में बुखार से पीड़ित हैं।
गौरतलब है कि दो दिन के भीतर शेरकोट क्षेत्र में दो लोगों की मौत हो चुकी है। सोमवार की देर रात शेरकोट के मोहल्ला नौधना निवासी छह वर्षीय इनाया की मौत हो गई थी।
- गांवों में शिविरों को लगाने की मांग
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से बीमारी पर कोई नियंत्रण के लिए कोई प्रयास नहीं हो रहा है। कई बार लोगाें ने शिविर लगाकर लोगों का परीक्षण कराने की मांग की है। पीएचसी प्रभारी डाॅ. बीके स्नेही का कहना है कि विभाग की ओर से गांवों में शिविरों का आयोजन कर लोगों का परीक्षण कर उपचार कराया जा रहा है।