कालागढ़ में क्वारंटीन हुए गुजरात से आए हाथी।
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गुजरात से कालागढ़ पहुंचे दो मादा हाथी
कालागढ़ (बिजनौर)। गुजरात से दो मादा हाथी कार्बेट टाइगर रिजर्व के वनों में गश्त करने के लिए भेजे गए हैं। दोनों हाथियों को वन विभाग ने क्वारंटीन कर दिया है। दोनों ही हाथियों के कालागढ़ पहुंचने पर वन विभाग में उत्साह का माहौल है।
कार्बेट टाइगर रिजर्व के वनों में गश्त करने के लिए वन विभाग को दो हाथी गुजरात की एक संस्था द्वारा भेजे गए हैं। ये दोनों हाथी कार्बेट टाइगर रिजर्व में ही रहेंगे। पहले इन्हें राज्य की सीमा पर ही रोक दिया गया। उसके बाद इन्हें वनों के रास्ते ढेला स्थित रेस्क्यू सेंटर में पहुंचा दिया गया। दोनों ही हाथी वन विभाग की निगरानी में क्वारंटीन किए जा रहे हैं। वन विभाग द्वारा दो अवयस्क हाथी गुजरात सोसाइटी को भेजे जाएंगे। वन विभाग को दो हाथी मिलने से वन विभाग के गश्ती दल में इजाफा हो जाएगा। क्वारंटीन के बाद ये हाथी कालागढ़ की हाथीशाला व आसपास की रेंज में नियुक्त कर दिए जाएंगे।
कर्नाटक से भी कालागढ़ आ चुके हैं हाथी
कालागढ़ में हाथियों के आने की परंपरा में नई कड़ी गुजरात से जुड़ गई है। इससे पूर्व कर्नाटक से यहां हाथी आए थे। उनके रखरखाव के लिए कार्बेट टाइगर रिजर्व ने हाथीशाला का निर्माण किया। जिसमें गश्ती दल के हाथी रखे जाते हैं।
कर्णा और रामा नाम के अवयस्क हाथी कार्बेट से गुजरात जाएंगे
कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक राहुल का कहना है कि दोनों हाथी स्वस्थ हैं। लेकिन बाहरी राज्य से आने के कारण उन्हें सुरक्षा कारणों से क्वारंटीन किया जा रहा है। कालागढ़ की हाथीशाला से कर्णां और झिरना के वनों से रामा नाम के दो नर हाथी गुजरात भेजे जाएंगे। दोनों की आयु दस वर्ष से कम है। अभी गश्त पर जाने के लिए लगभग दस वर्ष का समय उनके पास है। बीस वर्ष की आयु होने पर ही हाथी से गश्त कराई जाएगी। इसलिए अब वे गुजरात में ही रहेंगे। यहां दोनों नए हाथी गश्त करेंगे।