बिजनौर। फर्जी दस्तावेजों के जरिए जीएसटी में फर्म का पंजीकरण कराने के बाद कागजों में व्यापार किया। 22 फर्मों के साथ छह करोड़ का व्यापार दिखाते हुए फर्जी बिल जीएसटी पोर्टल पर अपलोड करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने करीब 87 लाख रुपये की टैक्स चोरी यानि आईटीसी हासिल किया है।
एसपी अभिषेक झा ने बताया कि राज्य कर अधिकारी सुभाष चंद्र ने नौ दिसंबर 2025 को शहर कोतवाली में मोहम्मद शाजाद निवासी बक्शीवाला थाना कोतवाली शहर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एसपी सिटी के नेतृत्व में एसआईटी टीम का गठन किया गया। विवेचना में सामने आया कि ए-वन एंटरप्राइजेज द्वारा फर्जी व्यापार स्थल दर्शाकर माल की बिना वास्तविक आपूर्ति के बोगस लेनदेन दिखाया गया है।
थाना लिसाड़ी गेट मेरठ के रहने वाले रिजवान मलिक और मोहम्मद शाहिद निवासी थाना लोहिया नगर मेरठ ने बीस हजार रुपये प्रति माह का लालच देकर मोहम्मद शाजाद से आधार कार्ड और पैन कार्ड, बिजली का बिल लिया। इसके बाद जुनैद निवासी मेरठ से फर्जी तरीके से ए-वन इंटरप्राइजेज का जीएसटी में पंजीकरण कराया गया। इस फर्म से एसआर इंटरप्राइजेज मेरठ, प्लग बर्ड एंटरप्राइजेज मेरठ, आयात ट्रेडर्स समेत कुल 22 फर्म से किसी प्रकार का वास्तविक व्यापार अथवा माल की खरीद फरोख्त नहीं की।
साथ ही छह करोड़ 38 लाख रुपये का आउटवार्ड सप्लाई दिखाते हुए 87 लाख रुपए की आईटीसी टैक्स चोरी की गई। पुलिस ने रिजवान मलिक निवासी थाना लिसाड़ी गेट मेरठ और मोहम्मद शाहिद थाना लोहिया नगर मेरठ को गिरफ्तार किया है। मेरठ के ही रहने वाले नफीस, वरीस, दानिश, वसीम और जुनैद की तलाश की जा रही है।
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