बिजनौर। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट अशोक भारतेंदु ने महिला से गैंगरेप में अभियुक्त जगराम को दोषी पाया है। जिसे 20 साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दस हजार रुपये के अर्थ दंड की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मुकुल कुमार सिंह ने बताया कि शिवाला कलां थाना क्षेत्र के गांव के रहने वाली महिला ने कोर्ट के आदेश पर शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि गांव रामोरुपपुर निवासी जगराम ने छह महीने पहले उसके पति से बीस हजार रुपये उधार लिए थे। पैसे वापस मांगने पर जगराम ने उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की।
मारपीट के संबंध में थाना शिवाला कलां पर कोई कार्रवाई नहीं होने पर 26 सितंबर 2014 को वह बिजनौर पुलिस अधीक्षक से शिकायत करने आ रही थी। बिजनौर रोडवेज बस स्टैंड पर पहुंची तो आरोपियों ने उसे रोक लिया और रकम वापस करने की बात कहते हुए मारुति वैन में बैठा लिया। जिसे नूरपुर रोड पर ले गए और खेत में ले जाकर आरोपी जगराम और उसके दो साथियों ने बारी-बारी से दुष्कर्म किया।
पुलिस ने विवेचना करने के बाद सामूहिक दुष्कर्म की धारा में आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। सुनवाई करने के बाद अदालत ने अभियुक्त जगराम को दोषी पाया है। जिसे बीस साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। संवाद