बिजनौर। शहर से सटे ग्राम रसूलपुर पिरथी उर्फ आदमपुर में बसी कॉलोनियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए बनाई जा रही पेयजल परियोजना इसकी निर्धारित अवधि बीतने के दो साल बाद भी शुरू नहीं हो सकी। करीब चार करोड़ 88 लाख रुपये की इस परियोजना से नगर पालिका के बाहर की लगभग सात हजार की आबादी को पेयजल मुहैया कराया जाना था। नलकूप का निर्माण हो चुका है। सोलर पैनल और जनरेटर भी लगा दिया गया। साथ ही ओवरहेड टैंक के पिलर और ऊपरी स्लैब डालकर काम अधूरा छोड़ दिया गया है।
करीब दो साल पहले जल जीवन मिशन के तहत जब शहर से सटी आदमपुर की आबादी में पेयजल पाइप लाइन बिछाने का काम शुरू हुआ तो यहां के निवासियों को जल्द स्वच्छ पेयजल मिलने की उम्मीद जगी थी। घरों को कनेक्शन देकर पाइप में टोंटी लगा दी गईं थीं जो अब टूट गईं हैं। रेलवे लाइन के पास बन रही इस परियोजना का काम तीन मार्च 2023 को शुरू किया गया था और इसे मार्च 2024 तक पूरा किया जाना था। इसमें लगभग 90 प्रतिशत से ज्यादा काम हो चुका है। निर्धारित बजट भी लगभग खर्च हो चुका है लेकिन केवल ओवरहेड टैंक अधूरा होने के कारण करोड़ों की खर्च हुई रकम का किसी को कोई लाभ नहीं मिला। हालात यह हैं कि नलकूप के आसपास झाड़ियां उग आई हैं। ओवरहेड टैंक के ऊपरी हिस्से के निर्माण के लिए बांधी गई शटरिंग भी टूटकर बिखर गई है। यदि परियोजना शुरू हो जाए तो नगर पालिका से बाहर चक्कर रोड के किनारे बसी कई कॉलोनियों के निवासियों को शुद्ध पेयजल मिल सकेगा।
अधिकारियों ने करोड़ों रुपये खर्च कर काम अधूरा छोड़ दिया है। थोड़ा सा काम बचा था, उसे पूरा नहीं कराया गया। अधिकारियों और सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
-बीना देवी
नगर पालिका से सटी कॉलोनियों की बसावट तो शहर जैसी है लेकिन उनमें सुविधाओं का अभाव है। यहां पेयजल तक की सुविधा नहीं होने से कॉलोनीवासियों को मुसीबतें झेलनी पड़ती हैं। -नीतू रानी
जल जीवन मिशन के तहत शुरू हुई अधिकांश परियोजनाओं का यही हाल हुआ है। इसमें बड़ा बजट खर्च करके भी कोई लाभ नहीं हुआ। लोग साफ पानी के लिए तरस रहे हैं।
मुकेश भुईयार