संवाद न्यूज एजेंसी
नजीबाबाद। प्रदेश के आकाशवाणी केंद्रों को रिले केंद्र बनाने की योजना प्रसार भारती की नकारात्मक सोच है। नजीबाबाद के विधायक तसलीम अहमद ने कहा कि आजादी के आंदोलन में इंडियन ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन के माध्यम से रेडियो की भूमिका को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। रेडियो प्रचार-प्रसार का ऐसा सशक्त माध्यम है, जिसने पराधीनता से मुक्ति के लिए देशवासियों को एक मंच पर आने की ताकत दी।
महानिदेशालय ने आकाशवाणी केंद्रों की धीरे-धीरे नियुक्तियां बंद कीं, अब प्रसार भारती देश भर के आकाशवाणी केंद्रों को बंद करने का षड्यंत्र रच रहा है। रिले केंद्र बनाना इसकी शुरुआत है। प्रसार भारती को आकाशवाणी केंद्र के लिए नियुक्तियां खोलने और आमदनी के संसाधन बढ़ाने के लिए फैसले लेने होंगे।
स्थानीय कला संस्कृति को बढ़ावा देने और बहुजन हिताय बहुजन सुखाय उद्देश्यों से प्रसार भारती भटक रहा है। आकाशवाणी देहरादून केंद्र के एडीपी पद से सेवानिवृत्ति हुए विभूति भूषण भट्ट ने यह बात कही। कहा कि आकाशवाणी नजीबाबाद सहित प्रदेश के बड़े सेटअप वाले आकाशवाणी केंद्र हैं। इनकी स्थापना का उद्देश्य क्षेत्रीय संस्कृति को बढ़ावा देने, भाषा, रीति- रिवाज, धार्मिक, पौराणिक एवं सामाजिक परंपराओं को जीवंत रखना रहा है। आकाशवाणी लखनऊ से नजीबाबाद जैसे उच्च क्षमता के आकाशवाणी केंद्र को जोड़कर रिले केंद्र बनाने का फैसला सही नहीं है।
आकाशवाणी नजीबाबाद पर करीब तीन दशक तक लोकप्रिय उद्घोषक रहे प्रेम कुमार सडाना ने कहा कि रिले केंद्र बनाने का फैसला प्रसार भारती की संकीर्ण सोच को दर्शाता है। कहा कि विभिन्न जनपदों में भाषा, क्षेत्रीय बोली और संस्कृति में भिन्नता होती है। ऐसा फैसला प्रसारण नीति को खोखला करने और विभिन्न जलवायु के क्षेत्र में एक ही फसल बोने जैसा तानाशाही पूर्ण फैसला साबित होगा। लोकप्रिय विविध भारती के साथ भी प्रसार भारती ने ऐसी नीति अपनाई थी, बाद में पीछे हटना पड़ा था। आकाशवाणी केंद्रों को पूर्व की भांति प्रसारण सेवा जारी रखना राष्ट्रहित में होगा।
आकाशवाणी नजीबाबाद, पौड़ी और देहरादून में कार्यरत रहे सेवानिवृत्त कार्यक्रम अधिशासी राजन गुप्ता प्रसार भारती के फैसले को प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर छीनने, संस्कृति और क्षेत्रीय कलाकारों का हक मारने का फैसला बताते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को प्रसार भारती की नीतियों पर हस्तक्षेप करना होगा, ताकि आकाशवाणी केंद्र इतिहास बनने से बचाया जा सकें।