संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। भीषण गर्मी में बिजली की मांग बढ़ रही है। बिजली की खपत और मांग में अंतर आने से बिजली आपूर्ति के दौरान लो-वोल्टेज की समस्या तेजी से बढ़ने लगी है। लोड अधिक होने व भीषण गर्मी से बिजली ट्रांसफार्मर भी धधक रहे हैं। अब वर्कशाप में 12 से 15 फुंके हुए ट्रांसफार्मर रिपेयरिंग के लिए आ रहे हैं।
बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए विद्युत निगम की ओर से शहरों में बिजली लाइन के जर्जर तार बदलने, एबीसी केबल डालने, ओवरलोड ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि चल रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य हो रहा है। परंतु गर्मी में पारा बढ़ते ही बिजली व्यवस्था लड़खड़ाने लगती है।
जैसे जैसे मौसम में तापमान बढ़कर 40 डिग्री से ऊपर हो रहा है, वैसे वैसे बिजली लोड बढ़ रहा है। बिजली लोड बढ़ने से शहर और ग्रामीण अंचल में आबादी वाले, निजी नलकूपों के ट्रांसफार्मर ज्यादा फुंक रहे हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार पिछले माह छह से सात ट्रांसफार्मर फुंक रहे थे, वहीं मई माह में संख्या 12 से 15 ट्रांसफार्मर रिपेयरिंग को आ रहे हैं।
तीस हजार मेगावाट से ज्यादा की डिमांड
भीषण गर्मी में बिजली की मांग बढ़ी है। जिले में करीब 27 हजार मेगावाट मांग रहती है, लेकिन अब तीस हजार मेगावाट से ज्यादा हो रही है। इस कारण लो-वोल्टेज की समस्या उत्पन्न हो रही है। उपभोक्ताओं के अनुसार 440 वोल्टेज की लाइन में 200 से 205 वोल्टेज पहुंच रहे हैं।
मौके पर जाकर भी कर रहे रिपेयरिंग
एमडी के निर्देश पर ट्रांसफार्मरों की निगरानी लगातार की जा रही है। रात में स्टाफ क्षेत्र में सक्रिय रहता है। ट्रांसफार्मरों में तेल आदि की जरूरत को मौके पर सही किया जा रहा है। - अजय कुमार कैम, अधिशासी अभियंता