दिनभर जाम... अतिक्रमण ने बिगाड़ी शहर की चाल
बिजनौर। साल-दर-साल ट्रैफिक का बोझ बढ़ रहा है, लेकिन इससे निपटने के लिए कोई दूरदर्शी योजना फिलहाल नहीं है। नतीजतन हर रोज शहर में प्रमुख जगहों पर जाम की समस्या आम हो चुकी है। कहीं तंग हो चुकी सड़कें इसकी वजह हैं, तो कहीं अतिक्रमण। शहर के बीच होकर निकलने वाले हाईवे पर भी ट्रैफिक सुचारु नहीं चल पाता।
शक्ति चौराहा 12 बजे
सोमवार की दोपहर 12 बजे शक्ति चौराहा पूरी तरह जाम रहा। करीब 20 मिनट तक चौराहे से जजी रोड, सिविल लाइन, नगीना रोड और नजीबाबाद रोड पर वाहनों के पहिये थम गए। ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को जाम खुलवाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। यह सिर्फ सोमवार को नहीं हुआ बल्कि हर दिन ऐसे हालात कई बार बनते हैं।
नगरपालिका चौक 12:25 बजे
शक्ति चौराहा से सिविल लाइन में भी वाहनों की काफी भीड़ रहना हर दिन की नियति बन चुकी है। आगे बढ़ने पर नगर पालिका चौक पर साढ़े बारह बजे काफी देर तक जाम की स्थिति बनी रही। दरअसल यहां कोई ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी तैनात नहीं रहता। हालांकि आगे चलकर डाकघर चौके पर होमगार्ड जरूर बैठे रहते हैं।
सिविल लाइन द्वितीय : दोपहर एक बजे
पिछले चार-पांच दिनों से सिविल लाइन द्वितीय पर ट्रैफिक का बोझ बढ़ा हुआ है। सभी निजी और रोडवेज बसें यहीं से होकर निकल रही है। दोपहर में इस रोड पर जाम लगा तो एएसपी सिटी ने ट्रैफिक पुलिस को वायरलेस पर आड़े हाथों ले लिया। सिविल लाइन द्वितीय पर तत्काल पुलिसकर्मी तैनात करने के निर्देश दिए, जिससे ट्रैफिक सुचारु रखा जा सके।
खराब पड़ी हैं शक्ति चौक पर सिग्नल लाइट
सालों पहले शहर में सिर्फ एक जगह शक्ति चौराहे पर सिग्नल लाइटें लगवाई गई थीं, लेकिन यह पिछले काफी समय से खराब पड़ी हुई हैं। ट्रैफिक पुलिस के हाथ के इशारों पर ही वाहन थमते और आगे बढ़ते हैं। अगर ट्रैफिक पुलिस का ध्यान हट जाए तो संचालन बिगड़ जाता है।
तंग हो रहीं सड़कें, नहीं बन रहीं योजनाएं
ट्रैफिक का बोझ लगातार बढ़ रहा है, लेकिन सड़कों के चौड़ीकरण या दूरदर्शी सोच के अनुसार योजना नहीं बन रही हैं। सड़कों के किनारे बिजली के खंभे लगे हुए हैं। जहां खंभा है, वहां तक दुकानदार अतिक्रमण कर लेते हैं। ऐसे में आठ से दस मीटर चौड़ी सड़क वाहनों की भीड़ नहीं झेल पाती। खंबों को हटाकर सड़क की चौड़ाई बढ़े तो बात बने।
मानकों के विपरीत बना है डिवाइडर
जजी से शक्ति चौराहे पर आने वाली रोड नेशनल हाईवे है, जिसकी चौड़ाई दस मीटर है। अब पालिका ने शक्ति चौराहे पर करीब सौ मीटर लंबा डिवाइडर बना रखा है। डिवाइडर के एक तरफ सड़क केवल चार मीटर तक चौड़ी रह गई है, जो मानकों के भी विपरीत है। डिवाइडर के एक तरफ दो लेन सड़क होना जरूरी है।
वर्जन
अतिक्रमण को हटवाने के लिए प्रशासन को चिट्ठी लिखी जाएगी। बिजली के पोल सड़क के पास में होने का मामला दूसरे विभाग से संबंधित है। शक्ति चौक पर डिवाइडर भी पहले का ही बना हुआ है।
-मनोज कुमार, अधिशासी अधिकारी