-पीएम-सेतु योजना के तहत बिजनौर को हब बनाने के रूप में चुना गया
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। क्षेत्रीय उद्योगों की जरूरत के हिसाब से राजकीय आईटीआई नई ट्रेडों का समावेश किया जाएगा। इसका उद्देश्य सरकारी आईटीआई को आधुनिक बनाना और उन्हें उद्योग की जरूरतों के अनुसार विकसित करना है। यह कार्य पीएम-सेतु योजना के तहत किया जाएगा।
बिजनौर जनपद में पांच राजकीय आईटीआई संस्थान और 21 निजी आईटीआई संस्थान संचालित है। यहां की आईटीआई में फीडर, इलेक्ट्रॉनिक, इलेक्ट्रीकल, मैकेनिक ट्रैक्टर, प्लंबर, वेेल्डर आदि ट्रेड संचालित है। आईटीआई स्थानीय औद्योगिक जरूरतों के अनुसार नए ट्रेड और होने की संभावना है।
यह कदम युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर प्रदान करने और क्षेत्र में उद्योगों की आवश्यकताओं को पूरा करने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है। पीएम-शहरी सेतु योजना (संभावित रूप से, हालांकि प्रदान किए गए पाठ में पीएम सेतु और आईटीआई उन्नयन का उल्लेख है, जो एक ही पहल का हिस्सा हो सकते हैं।
केंद्र सरकार ने आईटीआई को आधुनिक बनाने के लिए यह योजना शुरू की है। राजकीय आईटीआई संस्थान के प्रधान सहायक राकेश शर्मा ने बताया कि इस उन्नयन का उद्देश्य कौशल विकास को बढ़ावा देना और तकनीकी शिक्षा के स्तर को बढ़ाना है। राजकीय आईटीआई बिजनौर के नोडल प्रधानाचार्य मंजुल मंयक ने बताया कि पीएम-सेतु योजना का हब में बिजनौर आईटीआई का चयन हुआ है।
-इन उद्योगों पर फोकस
जनपद बिजनौर शुगर बाउल क्षेत्र है। यहां गन्ने की पेराई के लिए दस चीनी मिलों का संचालन होता है। इसके अलावा इथेनॉल प्रोडक्शन, फूड प्रोसेसिंग आदि उद्योग संचालित हैं। कृषि आधारित उद्योग की संख्या ज्यादा है।
नए ट्रेडों का समावेश
-नई योजना के तहत उन ट्रेडों को शुरू किया जाएगा, जिनकी स्थानीय उद्योगों में सबसे अधिक मांग है।
-इस पहल से आईटीआई उत्तीर्ण करने वाले छात्रों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा।
-मेरठ के साथ बिजनौर को पीएम-सेतु योजना का हब बनाने की केंद्र सरकार से पहले ही स्वीकृति मिली।