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शुद्घता की कसौटी पर खरी नहीं उतरी खिलौना मिठाई

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शुद्धता की कसौटी पर खरी नहीं उतरी खिलौना मिठाई
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बिजनौर। दीपावली पर खिलौना मिठाई से परहेज करें तो बेहतर है। खाद्य सुरक्षा विभाग एवं औषधि प्रशासन विभाग के अफसरों के अनुसार पिछले साल दीपावली और उससे पूर्व के लिये गए रंगीन खिलौना मिठाई के सभी नमूने शुद्धता की कसौटी पर खरे नहीं उतरे हैं। खिलौना मिठाई के सभी शत-प्रतिशत नमूने फेल निकले हैं। अफसरों की मानें तो इनमें अखाद्य रंग पाया गया है और अन्य केमिकल का मिश्रण भी इस मिठाई में मिला है। चिकित्सकों के अनुसार लगातार इस्तेमाल करने से कैंसर जैसी भयानक बीमारी हो सकती है।
आज दीपावली का है। इस दिन सभी लोग अपने घरों में श्रीलक्ष्मी, गणेश आदि देवी-देवताओं का पूजन करते हैं। पूजन के समय खिल, बताशे और हाथी, घोड़े के आकार की खिलौना मिठाई का भी प्रयोग करते हैं। ये मिठाई लोग पूजा में भी इस्तेमाल की जाती है। ये लोगों की आस्था से जुड़ा होता है। इसके बावजूद इस मिठाई के निर्माण में लोगों का स्वास्थ्य बिगाड़ने वाले सामान का प्रयोग किया जा रहा है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी जेपी सिंह के अनुसार पिछले वर्ष खिलौना मिठाई के सभी 20 शुद्धता की कसौटी पर खरे नहीं उतरे हैं। यानी सभी राजकीय अन्वेषण वेधशाला की जांच में अधोमानक पाये गए हैं। उन्होंने बताया कि किसी भी मिठाई के निर्माण में 100 प्रतिशत शुद्ध खाद्य रंग का ही प्रयोग होना चाहिए, लेकिन पिछले साल के सभी नमूनों में अखाद्य रंग पाया गया है, जो स्वास्थ्य को हानि पहुंचाने वाला है।
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इस मिठाई को बनाने वाले निर्माताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला अस्पताल के सीएमएस डाक्टर सुखवीर सिंह ने बताया कि यदि मिलावटी खिलौना मिठाई का लगातार एक सप्ताह तक सेवन किया जाए तो इससे लोगों को आंतों में संक्रमण, किडनी डैमेज और कैंसर जैसी भयानक बीमारी हो सकती है। सीएमएस की सलाह है कि इस मिठाई के प्रयोग से बचा जाए तो बेहतर है।
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