धर्मशाला में बना शौचालय, जांच के आदेश
नजीबाबाद। सार्वजनिक शौचालय एक धर्मशाला में बनाए जाने के मामले की जांच डीएम ने डीपीआरओ को सौंपी है। ग्राम पंचायत आजमपुर मोहम्मद अली के ग्रामीणों ने डीएम के आदेश के बावजूद जांच में विलंब होने पर रोष व्यक्त किया है।
ग्राम पंचायत आजमपुर मोहम्मद अली उर्फ खानपुर में ग्राम पंचायत के पिछले कार्यकाल में 7.80 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक शौचालय का निर्माण किया जाना था। निर्माण कार्य हाल ही में पूरा हुआ है। क्षेत्रीय ग्रामीणों कपिल कुमार, जितेंद्र कुमार, आदेश कुमार, भूपेंद्र कुमार, संध्या देवी, नरदेव सिंह, जोगेंद्र सिंह सहित अनेक ग्रामीणों की ओर से जिलाधिकारी उमेश मिश्रा को ग्रामीणों ने लाखों रुपये की लागत से सार्वजनिक शौचालय गांव की एक धर्मशाला के भीतर बनवाने का आरोप लगाते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की थी। ग्रामीणों ने तत्कालीन ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव की लापरवाही से सार्वजनिक शौचालय धर्मशाला के भीतर बनाने से धर्मशाला के मुख्य गेट पर ताला लगा होने से शौचालय का ग्रामीणों द्वारा इस्तेमाल न होने पर डीएम से चिंता जताई थी।
डीएम ने शिकायत पर बीडीओ और डीपीआरओ को तत्काल जांच के आदेश दिए। ग्रामीणों का आरोप है कि डीएम के आदेश के बावजूद सार्वजनिक शौचालय की जांच के लिए कोई गांव नहीं पहुंचा। सार्वजनिक शौचालय के बाहर धर्मशाला गेट पर ताला लटका हुआ है। ग्रामीणों ने डीएम से सार्वजनिक शौचालय केे धर्मशाला परिसर से अलग कराने की मांग की है।
ग्रामीणों की सहमति से ही बनवाया गया
ग्राम पंचायत सचिव अनुज मलिक का कहना है कि धर्मशाला का बारात आदि के लिए सार्वजनिक उपयोग होता है। ग्रामीणों की सहमति से ही धर्मशाला के भीतर सामुदायिक शौचालय बनवाया गया था। उन्होंने डीपीआरओ मनीष कुमार के निर्देश पर शीघ्र धर्मशाला का गेट शौचालय के सार्वजनिक उपयोग के लिए खुलवाने और आपत्ति करने वालों के खिलाफ उच्च अधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई की बात कही।