बिजनौर । भारतीय संस्कृति को विश्व मंच पर ले लाने वाले महान दार्शनिक व देशभक्त स्वामी विवेकानंद की जयंती पर उन्हें याद किया गया। स्वामी विवेकानंद के कथन उठो जागो और अपने लक्ष्य को हासिल करने से पहले मत रुको को जीवन में उतारने का संकल्प लेकर देश को विश्व गुरु बनाने का संकल्प लिया।
स्वामी विवेकानंद की जयंती जिले भर में युवा दिवस में रूप में मनाई गई। हिंदू संगठनों विशेषकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने अनेक स्थानों पर गोष्ठी आयोजित की। नेहरू युवा केंद्र के तत्वावधान में युवाओं ने जिला अस्पताल के ब्लड बैंक परिसर में रक्तदान किया। स्कूल-कॉलेज में भी अनेक कार्यक्रम आयोजित हुए और भव्य रैलियां भी निकाली गईं और स्वामी विवेकानंद के जीवन के बारे में बताया गया।
विद्यार्थियों और अभिभावकों से बच्चों में स्वामी विवेकानंद जैसा व्यक्तित्व निर्माण करने का आह्वान किया और कहा कि स्वामी विवेकानंद ने अपने गुरु आचार्य राम कृष्ण परमहंस से मिली शिक्षा को देशभर में फैलाया। स्वामी विवेकानंद की जयंती पर दहेज प्रथा, नशे, अशिक्षा जैसी बुराईयों से भी दूर रहने का आह्वान किया गया। हिंदू संगठनों की अनेक इकाईयों ने भी कई मोहल्लों में जाकर विशेष कार्यक्रम किए। स्वामी विवेकानंद द्वारा 1893 में अमेरिका के शिकागो में विश्व धर्म परिषद द्वारा आयोजित सम्मेलन में स्वामी विवेकानंद द्वारा दिए गए भाषण के बारे में बताया गया। अमेरिका ने भी भारत और सनातन धर्म की संस्कृति को स्वामी विवेकानंद के कारण ही जाना था।