नहटौर। क्षेत्र में सर्पदंश की दो अलग-अलग घटनाएं हुईं। परिजन गोल्डन ऑवर में महिला और वृद्ध को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां चिकित्सकों ने एंटी स्नेक वेनम देकर प्राथमिक उपचार किया। इसके बाद उनकी जान बच गई। फरीदनगर निवासी जसवीर सिंह (60) पुत्र हरि सिंह शनिवार सुबह करीब पांच बजे जंगल में टहलने गए थे। इसी दौरान उनका पैर सांप पर पड़ गया, जिससे उन्हें सांप ने डस लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें तत्काल सीएचसी लेकर पहुंचे, जहां एंटी स्नेक वेनम देकर प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। उधर, तालमपुर निवासी कुसुम (45) पत्नी सोमपाल परिजनों के साथ जंगल में चारा लेने गई थीं। इसी दौरान उन्हें सांप ने डस लिया। परिजन उन्हें सीएचसी लेकर पहुंचे, जहां एंटी स्नेक वेनम देने के बाद प्राथमिक उपचार कर बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
सीएचसी के चिकित्सा अधिकारी डॉ. शुभम चिकारा ने बताया कि दोनों की हालत में सुधार है। उन्होंने कहा कि सर्पदंश के मामलों में मरीज को बिना समय गंवाए अस्पताल पहुंचाना चाहिए। समय पर एंटी स्नेक वेनम मिलने से मरीजों की जान बचाई जा सकती है। झाड़-फूंक के चक्कर में समय गंवाना मरीज के लिए घातक साबित हो सकता है।